दुर्ग। तकनीकी शिक्षा के पूर्व संचालक डॉ डी एस बल का 6 मई को दुःखद निधन हो गया, दुःख की इस घड़ी में, दिवंगत आत्मा को श्रृद्धांजलि अर्पित करने, छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज राजपत्रित अधिकारी संघ ने शोक सभा आयोजित की, शोक सभा में तकनीकी शिक्षा के शिक्षकों ने तकनीकी शिक्षा जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति बताई।
एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे ने बताया कि डॉ डी एस बल, जो शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर के पूर्व प्राचार्य एवं तकनीकी शिक्षा के पूर्व संचालक थे। कल सुबह ही उनके निधन की खबर एसोसिएशन को मिली। एसोसिएशन ने पूर्व संचालक तकनीकी शिक्षा स्व डॉ डी एस बल के निधन पर शोक सभा आयोजित कर तकनीकी शिक्षा के प्रकाश स्तंभ स्वरुप डॉ बल को श्रृद्धा सुमन अर्पित की, वर्चुअल शोक सभा में, तकनीकी शिक्षा की नामचीन हस्तियां शामिल हुईं, डॉ बी एस चावला, डॉ आर एस परिहार, श्री पी के पांडे, डॉ एम एफ कुरैशी, डॉ अजय गर्ग, श्रीमती उषा जैन, डॉ जी एस बेदी, डॉ आर के अग्रवाल, श्री अशोक कुमार चंदेल, श्रीमती ममता अग्रवाल, डॉ साजी चाको, श्री हर्षल मोहिते एवं अन्य सदस्य उपस्थित हुए।
अपने शोक संदेश में, डॉ बी एस चावला ने ,डॉ डी एस बल को निर्विवाद टीम लीडर के रूप में बताया, स्व. डॉ बल के निधन से तकनीकी शिक्षा के लिए एवं उनके लिए व्यक्तिगत क्षति बताया, उन्होंने कहा कि, डॉ डी एस बल का जो व्यक्तित्व था, ऐसा व्यक्तित्व हमेशा जीवित रहता है। कभी वह छात्रों के कार्यशैली में, तो कभी उनके शिक्षकों द्वारा पढ़ाये जाने वाले विषयों में परिलक्षित होता है। पूर्व रजिस्ट्रार सीएसवीटीयू एवं वर्तमान प्राचार्य पी के पांडे ने डॉ बल के महान व्यक्तित्व एवं तत्कालीन संचालक तकनीकी शिक्षा रहते हुए सीएसवीटीयू भिलाई से उनके संबंधों पर प्रकाश डाला। पूर्व अतिरिक्त संचालक एवं वर्तमान प्राचार्य डॉ एम एफ कुरैशी ने, डॉ डी एस बल को तकनीकी शिक्षा के पितामह के रूप में नीरुपित किया, और बल साहब के निधन से तकनीकी शिक्षा का एक युग पुरुष खोने जैसा बताया। शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर के प्राचार्य डॉ आर एस परिहार ने डॉ डी एस बल को आदर्श पुरुष बताया, छात्रों के साथ उनके, शिष्य गुरु के रिश्तों को, प्राचीन काल के गुरुकुल में जो शिष्य गुरु के जो रिश्ते होते थे, उन रिश्तों जैसा बताया। संयुक्त संचालक तकनीकी शिक्षा डॉ अजय गर्ग ने, डॉ डी एस बल सर के निधन से व्यक्तिगत क्षति बताई। प्राचार्य श्रीमती उषा जैन ने, डॉ डी एस बल को एक महान शिक्षक एवं अच्छे अधिकारी के रूप में बताया।
ऐसे व्यक्तित्व के धनी डॉ डी एस बल सर के दुःखद निधन पर, वर्चुअल शोक सभा में उपस्थिति सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा डॉ डी एस बल सर द्वारा बताए रास्ते पर चलने की बात कही। अतः मैं शोक सभा समाप्त की गई।
डॉ डी एस बल का निधन, तकनीकी शिक्षा विभाग में एक युग पुरुष खोने के समान- एसोशिएशन
