जगदलपुर-– कोरोना आपदा काल में चिन्हांकित फ्रंट लाइन वर्कस के अलावा इस लड़ाई में प्रदेश के समस्त प्रधानाचार्य एवम समस्त शिक्षकों चाहे सरकारी हो या प्राइवेट की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है सभी को कोरोना फ्रंट लाइन वारियर्स का दर्जा दिए जाने की मांग करता हुँ। पूर्व युवा आयोग अध्यक्ष कमल चंद भंजदेव ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से आज भी पढ़ाई करवा रहे है ,ऐसे कुछ शिक्षक भी है जो स्कूल जाकर ऑनलाइन के क्लास ले रहे है ,जहाँ सुविधा नही है जैसे मोबाइल या लैपटॉप नही है,इन्हें भी प्रथम श्रेणी का दर्जा मिलना चाहिए।ताकि वे भी वेक्सिनेशन अपने परिवार के साथ लगा सकें। ताकि हमारे बच्चो को जो शिक्षा मिलनी है ,वो मिलते रहे ताकि उनका स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाए,प्रधानाचार्य एवम छतीसगढ़ के शिक्षकों को फ्रंट लाइन वर्कर मानते हुए उनके परिजनों को कोविड टीकाकरण में प्राथमिकता दे।वर्तमान में कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रधानाचार्य एवम शिक्षकों के द्वारा अपनी जान को जोखिम में डालकर जिस तरह से बच्चो को ऑनलाइन पढ़ाई करवा रहे है, उसे देखते हुए छत्तीसगढ़ के समस्त प्रधानाचार्य एवम शिक्षकों को फ्रंटलाइन वर्कर मानते हुए वेक्सीनेशन में प्राथमिकता देने की मांग करता हुँ।
पूर्व युवा आयोग अध्यक्ष कमल चंद भजदेव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से यह मांग किया है।
पूर्व युवा आयोग अध्यक्ष कमल चंद भजदेव ने प्रधानाचार्य/ शिक्षकों को फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा दिए जाने की मांग
