पाटन। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण 6 अप्रेल से पूरे दुर्ग जिले में लॉकडाऊन लगाया गया है। जिसके कारण सभी नन्द घर (आंगनबाड़ी) भी बंद है। पाटन क्षेत्र के 101 आंगनबाड़ी केन्द्रों को वेदांता कंपनी ने नंद घर में परिवर्तित कर दिया है , इन सभी नन्द घरो का संचालन हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया NGO के द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
10 मई-2021 को वेदांता समूह की नंद घर परियोजना ने पाटन विकासखंड के नंदघर कार्यकर्ताओं के लिये एक ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। जिसमे पाटन विकासखंड के जामगांव-एम परियोजना अधिकारी जितेन्द्र साव एवं पाटन परियोजना अधिकारी सुमित गंडेचा सम्मिलित हुये। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और नंदघर परियोजना स्टाफ भी सम्मिलित हुये ।

इस आयोजन में कार्यकर्ताओं को बच्चे के पहले 1000 दिवस, जो कि बच्चे के जन्म पर आधारित है के बारे मे संक्षिप्त मे बताया गया । जिससे माँ और जन्म लेने वाले बच्चे दोनों को क्या क्या कठिनाइयां हो सकती है एवं उनका उपचार व बचाव कैसे हो सकता है इसके बारे में बताया गया और चर्चा की गयी । परियोजना अधिकारी जितेन्द्र साव ने इस ऑनलाइन सत्र आयोजन की सराहना की और भविष्य में ओर भी ऐसे ही आयोजन करने का आग्रह किया। परियोजना अधिकारी जी के कहा की नंद घर परियोजना द्वारा गांवों में बच्चो को व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से होम-स्कूलिंग के लिए ई-लर्निंग मॉड्यूल के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है , जो की बहुत सराहनीय कार्य है|
