रिलायंस फाउंडेशन की सहायता से किसान को बैगन की खेती मे मिली सफलता

आरंग–भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में आरंग ब्लॉक है, जिसे “मंदिरों का शहर” के नाम से भी जाना जाता है। यह रायपुर शहर की पूर्वी सीमा मे स्थित है। यहाँ के किसान मुख्यत: खेती कर ही अपना जीवन यापन करते है । किसान खरीफ में धान, सब्जी और रबी में चना, गेहूं, सब्जी इत्यादि उगाते हैं। आरंग ब्लॉक में खरीफ मे सर्वाधिक फसली क्षेत्र के अंतर्गत धान की फसल 61.39 प्रतिशत है। अनाज की फसलों के साथ साथ किसान पपीता, कटहल, गोभी, बैंगन जैसे फल और सब्जियों की भी खेती करते हैं जिससे की वह अतिरिक्त आय ले सकें।

आरंग के बागेश्वर पारा मे गोपी जलक्षत्री नाम का किसान रहता है, जिनकी उम्र 26 वर्ष है इनके परिवार में कुल 6 सदस्य हैं, जिनमे इनके माता-पिता, पत्नी, एक बच्चा और भाई हैं, और इन्होने आठवीं तक की ही शिक्षा प्राप्त की है। ज़्यादा शिक्षित ना होने के कारण, इनका पारिवारिक खर्च का एक मात्र स्त्रोत खेती ही है। यह खरीफ में धान, सब्जी और रबी में सब्जियाँ उगाते हैं । इनके पास खेती के लिए खुद की ज़मीन नहीं है, ये ढाई एकड़ लीज की ज़मीन पर खेती करते है।

पिछले वर्ष (दिसम्बर 2019) इन्होने एक एकड़ की ज़मीन पर बैंगन की खेती किए थे, बैगन मे कई वर्षो से फल एवं तना छेदक की समस्या होती थी जिसके कारण फल मे छोटे छोटे छेद हो जाते थे, जिससे ये खाने योग्य नहीं रहते थे जिसके कारण इसे बाजार मे बेच नहीं पाते थे, जिससे गोपी को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता था। कई बार इस कीट का प्रकोप इतना ज्यादा होता था की एक भी फल खाने योग्य नहीं रहते थे। उसी समय रिलायंस फ़ाउंडेशन द्वारा एक जियो चैट वर्चुअल प्रोग्राम का आयोजन हुआ था जिसमे रिलायंस फ़ाउंडेशन के कार्यकर्ता गोपी के बाड़ी मे गए और उनकी समस्या को देख कर उन्हे कृषि विशेषज्ञ से सीधे वार्तालाभ कराये जिसे कृषि विशेषज्ञ ने उनकी समस्या को सुनकर किसान को सलाह दी की जीतने भी कीट लगे हुये फल और तना को पहले काट कर अलग कर जमीन मे दबा दे या जला दे तत्पश्चात इसमे पहला स्प्रे flubendiamide 39.35% SC 50 मिली प्रति एकर या 5 मिली प्रति स्पेयर से स्प्रे करे। इस स्प्रे के 5 से 7 दिन बाद Emamectin benzoate 5%SG 100 ग्राम प्रति एकड़ से स्प्रे करने की सलाह दी।

किसान ने इस सलाह को अपनाया और जब नए फल आए तो उसमे फल छेदक की समस्या नहीं देखी गयी साथ ही बैगन के फल पहले के अपेक्षा अधिक चमक और वजनदार थे। इसप्रकार किसान ने एक एकड़ बैगन की खेती मे 88 कुंटल उत्पादन हुआ जिसे किसान ने 15रु प्रति किलो से बेचा जिसमे किसान को कुल लागत 36200 रुपये हुये सभी लागत को काट कर किसान को 95800रू शुद्ध मुनाफा हुआ।

गोपी जलक्षत्री ने कहा “बैगन की खेती से मुझे 95000 का मुनाफा हुआ इस पैसे का कुछ हिस्सा घरेलू खर्चे और अगली बार की खेती के लिए बचा के रखा हूँ, साथ ही इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए मै रिलायंस फ़ाउंडेशन का आभार व्यक्त करता हूँ।“

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