गांव-गांव में कोरोना को रोकने और ग्रामीण स्वास्थ्य के क्षेत्र में मितानिनों की है अहम् भूमिका-मुख्यमंत्री बघेल


फिल्ड विजिट के समय मितानिन मास्क और सेनेटाईजर का अवश्य करें उपयोग

हर मितानिन के पास हमेशा उपलब्ध रहे पांच-पांच कोरोना दवा किट

सेनेटाईजर निर्माण के लिए बस्तर संभाग में महिला समूहों को किया जाए प्रोत्साहित

कांकेर – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मितानिन वर्तमान में गांव-गांव में कोरोना को रोकने में अहम् भूमिका निभा रही हैं। आज कोरोना महामारी की संकट की घड़ी में ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों तथा ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इसमें वे अपनी कड़ी मेहनत, अद्वितीय सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा से स्वयं को सफल कर दिखाया है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मितानिनों और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से चर्चा कर कोरोना संक्रमण के हालात के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस दौरान बस्तर संभाग के समस्त जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर तथा कोरिया जिले के विभिन्न ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की स्थिति के संबंध में उनसे चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू तथा मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वर्तमान में कोरोना शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैला हुआ है। ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिन और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता डटकर अपना कार्य कर रहे हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने बताया कि गांवों में अभी भी कोविड प्रोटोकॉल, हैण्डवाश, मास्क, सेनेटाईजर, वैक्सीन तथा आइसोलेशन आदि को लेकर जागरूकता की बहुत कमी है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे अपने-अपने कार्य क्षेत्र की जनता और खासकर महिलाओं को कोरोना की गंभीरता के बारे में समझाएं और ग्रामीणों को सर्तकता बरतने के लिए अधिक से अधिक प्रेरित करें। साथ ही लक्षण वाले व्यक्ति को तुरंत कोरोना की दवा उपलब्ध कराएं और जांच कराने के लिए भी प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गांवों में लोग कोविड के लक्षणों को जानते समझते नही हैं। इसलिए उनका संक्रमण अंदर ही अंदर काफी बढ़ जाता है और स्थिति काफी गंभीर होने के बाद वे दवाई लेने जाते हैं, जिससे इनका इलाज करने में बहुत मुश्किले आती है। इसे ध्यान में रखते हुए मितानिन और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को कोविड के लक्षणों के बारे में भी समझाएं। उन्होंने कहा कि गांवों में फिल्ड विजिट के समय मितानिन मास्क और सेनेटाईजर का अवश्य उपयोग करें, ताकि वे सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हर मितानिन के पास कम से कम 5-5 कोरोना दवा किट हमेशा उपलब्ध रहे, साथ ही वे कोरोना से बचाव के लिए लोगों को भी मास्क पहनने, हैण्डवॉश, सेनेटाईजर के उपयोग तथा कोविड प्रोटोकॉल और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अधिक से अधिक प्रेरित करें। मुख्यमंत्री बघेल ने जशपुर की तरह बस्तर संभाग में भी महिला समूहों को सेनेटाईजर के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा सेनेटाईजर के निर्माण से स्थानीय स्तर पर मितानिनों को वितरित करने में अच्छी सुविधा भी होगी।
मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान बस्तर संभाग के अंतर्गत उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा, भानुप्रतापपुर के मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से भी एक-एक कर चर्चा की।

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