माकपा कार्यकर्ताओं के श्रमदान और एसईसीएल की मशीनों से देवतालाब हुआ लबालब, चार मोहल्लों के हजारों परिवार होंगे लाभान्वित, माकपा ने की स्टॉप डैम बनाने की मांग

कोरबा। कोरोना संकट के दौर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा आम जनता को राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोरबा नगर निगम के मोंगरा वार्ड की बांकी बस्ती के लिए जल संकट एक स्थाई समस्या है और गर्मी में यह विकराल रूप ले लेती है। पेयजल के साथ ही निस्तारी और पशुओं के लिए पानी की समस्या भी बनी रहती है। करोना महामारी में घरों से निकलने में पाबंदी के चलते यह संकट और बढ़ गया था। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा और माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने एसईसीएल प्रबंधन से इसका समाधान करने की मांग की थी।

उल्लेखनीय है कि बांकी बस्ती का देवतालाब 200 साल से भी ज्यादा पुराना है। ग्रामीणजनों की आस्था इस तालाब से जुड़ी हुई है। इसी कारण इसीका नाम भी देवतालाब पड़ा है। खदान खुलने से पहले यह तालाब बारहों महीने भरा रहता था। लेकिन इस क्षेत्र में खदान खुलने के बाद से यह गर्मियों में पूरी तरह से सूख जाता है, क्योंकि जलभराव के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। खदान क्षेत्र में आने के कारण इस तालाब की उपयुक्त देखभाल की जिम्मेदारी भी एसईसीएल प्रबंधन की ही बनती है। इसलिए माकपा ने बांकी खदान से निकलने वाले पानी को पाइप लाइन के जरिये देवतालाब में भरने और स्थायी जल संग्रहण के लिए स्टापडेम बनाने की मांग की है।

देवतालाब में जल भराव के लिए एसईसीएल ने मशीनों का तो इंतजाम कर दिया, लेकिन करोना महामारी को देखते हुए मजदूरों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। ऐसी स्थिति में आम जनता को राहत पहुंचाने माकपा ने श्रमदान का निर्णय लिया तथा पार्टी के स्थानीय नेताओं जवाहर कंवर, दिलहरण बिंझवार, श्याम सुंदर यादव, बजरंगी, विजय राठौर आदि के नेतृत्व में माकपा कार्यकर्ताओं की एक टीम ने मिलकर कच्ची बांध निर्माण का काम पूरा किया। जो तालाब गर्मी शुरू होने के साथ ही पूरा सुख गया था, वह माकपा के पहलकदमी पर लबालब भर गया है और इस साल गर्मी में पानी की दिक्कत नहीं होगी। इस तालाब में पानी भरने से बांकी बस्ती के साथ ही सियार पारा, गोंद पारा और चार नंबर बस्ती के हजारों परिवार लाभान्वित होंगे।

कच्ची बांध बनाने में एसईसीएल के सुराकछार सबएरिया मैनेजर दिव्यजीवन सी और सिविल इंजीनियर विपिन शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रबंधन ने अगले साल स्टाप डेम बनाने का आश्वासन दिया है। उल्लेखनीय है कि माकपा के प्रयासों से पिछले साल भी कच्ची बांध बनाकर तालाब में पानी भरा गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *