पीएम मोदी ने 7 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर झूठ बोले 250 रुपये में वैक्सीन का चुनावी जुमला दिया – दीपक दुबे इंटक अध्यक्ष छत्तीसगढ़

35 हजार करोड का ठीका बजट 2.23 लाख करोड़ स्वास्थ्य बजट कहा गया

प्रधनमंत्री वित्तमंत्री स्वास्थ्य मंत्री से बड़ा सीरम इंस्टिट्यूट का मालिक पूनावाला है ।आपदा में अवसर

धूर्त व्यापारी पूनावाला कहता हैं वैक्सीन अब सर्टिफायड हो गया साइड इफ़ेक्ट भारतीय को सस्ती दवा विदेश को

भारत बायोटेक ने आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर कोवैक्सीन का विकास कर आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी फिर दाम बढ़ाने क्यो दिया

जनऔषधि दिवस पर पीएम बोले हमने मेड इन इंडिया वैक्सीन बनाई फिर दाम क्यो बढ़ाया

भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष दीपक दुबे ने प्रेस को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि देश के प्रधानमंत्री का झूठ अब आपदा में चुनावी जुमले की तरह है , वे सीरम इंस्टिट्यूट के मालिक पूनावाला के साथ मिलकर आपदा में अवसर खोजते हुवे धूर्त व्यापारी की तरह बोल रहे हैं, की वैक्सीन अब सर्टिफायड हो गया साइड इफ़ेक्ट नही है तो क्या ट्रॉयल के लिए भारतवासी को सस्ती दवा दी गई औऱ अब विदेश को सस्ते में दे रहा है !
श्री दुबे ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी 7 मार्च को जनऔषधि दिवस के दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था भारत दुनिया की फार्मेसी है यह सिद्ध हो चुका है. हमने वैक्सीन बनाई. मेड इन इंडिया वैक्सीन भारत की ही नहीं दुनिया के लिए भी है. उन्होंने कहा कि हम दुनिया में सबसे सस्ती वैक्सीन दे रहे हैं. प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन के दाम महज 250 रुपये हैं फिर आज उनके द्वारा वैक्सीन के दाम बढ़ाने की अनुमति क्यो दी क्या यह झूठ भी चुनावी जुमला था , धूर्त व्यापारी के तरह सीरम इंस्टिट्यूट के पूनावाला कहता हैं वैक्सीन अब सर्टिफायड हो गया साइड इफ़ेक्ट नही हुवा ट्रायल सही है क्या सिर्फ भारतीयों के लिये सस्ती दवा ट्रायल तक था जिसके वैक्सिन लगने के बाद मौत हुई उसके जिम्मेदार कौन है सीरम इंस्टिट्यूट के दाम बढ़ते ही भारत बायोटेक कोवैक्सीन के दाम भी बढ़ गए अब निजी अस्पतालों को कोवैक्सीन 1200 रुपये में और राज्यों को 600 रुपये में मिलेगा तो फिर 7 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी के जनऔषधि दिवस पर प्राइवेट अस्पतालों को भी 250 रुपये में देने की बात कहि गई और जिसके प्रचार अभी भी प्रधानमंत्री जी के ट्यूटर पर दिख रहा हैं क्या यह आपदा पर अवसर नही है धूर्त व्यपारी की तरह काम कर रहे स्वास्थ्य मंत्रालय। आज भी कह रहा है वैक्सिन के लिए ₹250 प्रति डोज़ की अधिकतम दर तय कर दी है.
देश में इस समय 10,000 से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत पैनल पर हैं फिर दाम बढ़ाने की अनुमति सरकार क्यो दिया ! केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वर्ष 2021/22 बजट में टीका के लिए 35 हजार करोड़ अलग से दिये है आत्मनिर्भर स्वास्थ्य भारत योजना के लिए 64 हजार 180 करोड़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मिलाकर 2..23 लाख करोड़ बजट हैं जो पहले से 137 फीसदी है फिर भी देश मे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई है आखिर वैक्सिन के लिए दिये 35 हजार करोड़ कहाँ है एक लाख करोड से भी अधिक पीएम केयर फ़ंड का क्या हो रहा क्यो देश के हर वर्ग को फ्री टीका नही दिया जा रहा है क्या 70 साल में इतने विपदाओं पर लगे हुवे टीकाकरण के लिए पूर्वती सरकार ने कभी पैसा लिया सरकार देश के हर नागरिक 18 वर्ष से अधिक को फ्री में ठीका लगाए जाए आखिर इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ड्रा हर्षवर्धन और स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण क्यो नही बता रहे है 250 में यह दवा प्राइवेट अस्पताल को मिलेगा य नही मिलेगा यह क्यो नही बता रहे है जिस दवा को भारतीय दवा महानियंत्रक ने जनवरी में आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई वह आचनक व्यपारीकरण दवा उद्योग का कैसे हो गया केंद्र सरकार को 150 रुपये में बाकी को मनमर्जी दाम मे कैसे हो गाया एक राष्ट्र एक देश की बात करने वाले बीजेपी आज इस पर चुप क्यों है इसके जवाब देश को दे क्या प्रधानमंत्री झूठ बोले,35 हजार करोड़ ठीका बजट कहा गया बताए भारत में बनी यही स्वदेशी वैक्सीन जिसकी गुडगन पूरा बीजेपी मेक इन इंडिया वैक्सिन कह कर रहा यही दवा विदेश को सस्ता में दीया जा रहा है बंग्लादेश सऊदी अरब दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य देशों को सस्ता में दी जा रही हैं इस तरह प्रधानमंत्री के कृत्य की हम कड़ी भर्त्सना करते है केंद्र सरकार द्वारा वैक्सीन बनाने वाले कम्पनी के साथ मिलकर जो लूट की जा रही हैं उसके विरोध करते है।

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