उतई मुक्तिधाम में पहली बार जली एक साथ 6 लाशें… आवासीय क्षेत्रों से बाहर किया जाए कोविड प्रभावित मृतकों का दाह संस्कार-सतीश पारख

उतई। कोविड- 19 पूरे प्रदेश में भयावह रूप से पैर पसार रहा है। जिससे ज्यादा प्रभावित लोग मौत के आगोश में समा रहे है। हर दिन मुक्तिधामों में भीड़ भरा गमगीन माहौल देखने को मिल रहा है।

आज उतई स्थित मुक्तिधाम में एक साथ 6 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। आज कलेक्टर दुर्ग सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे कोविड सेंटर उतई में निरीक्षण करने पहुंचे तब जनता कांग्रेस दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष सतीश पारख ने उनसे मौखिक चर्चा कर कोविड संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार आवासीय क्षेत्र में स्थित मुक्तिधामो में नही करने की मांग रखी थी।

श्री पारख ने कहा कि जानकारी अनुसार यह बात भी खुलकर आई है कि कोविड हवा के माध्यम से भी फैल आमजन को प्रभावित कर सकता है ।ऐसी स्थिति में कोविड से ज्यादा प्रभावित मृतकों की बढ़ती संख्या के कारण उनका दाह संस्कार शहरों व आवासीय छेत्रों के बीच स्थित मुक्तिधामों में करना बीमारी को और ज्यादा बढ़ावा देना है और ऐसा करने से मुक्तिधाम के आस पास के रहवासी भी भय के माहौल में रहने व जीने को मजबूर है ।जिला प्रशासन को चाहिए कि कॅरोना से प्रभावित मृतकों का दाह संस्कार शहरी व आवासीय छेत्रों से दूर खुले छेत्रों में करे जहां से कम से कम 2/4,किलोमीटर तक कोई आवासीय छेत्र ना हो ना ही कोई भय का वातावरण निर्मित हो…किया जाना चाहिए।इस हेतु आज उतई अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधीश दुर्ग श्री भूरे जी से मौखिक चर्चा हुई की इस मामले पर भविष्य में कोई परेशानी ना बढ़े उसके मद्देनजर जिला प्रशासन व सरकार फ़ैसला पूरे प्रदेश के मामले में ले।व मृतकों का दाह संस्कार आवासीय छेत्र से बाहर करें।
इस विषय पर आमजनों में रोष व्याप्त है खासकर मुक्तिधाम से लगे आवासीय छेत्र के लोगों में ज्यादा ही डर व भय देखने को मिल रहा हैं। प्रशासन इस पर विचार करे।

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