?ब्यूरो रिपोर्ट – विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
गरियाबंद/मैनपुर :- जिले के आदिवासी विकासखंड मैनपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत धारनीढोड़ा की अनदेखी तस्वीरें सामने आ रहा है जिसे देख लगता नहीं कि यहाँ के ग्राम प्रतिनिधि साफ सफाई को लेकर संज्ञान में कभी उतरे हो सड़क के किनारे कचरों का टोटा लगा हुआ है आने जाने वालों को परेशानी हो रहा है ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यहाँ स्वच्छता सिर्फ कागजों तक ही सीमित है जमीनी हकीकत तो कुछ ओर बयां करती है सरकार ग्राम पंचायतों को लाखों रुपये स्वछता को लेकर मद जारी कर रहा है लेकिन कुछ अधिकारियों के मिलीभगत और ग्राम पंचायत के लापरवाही से सरकारी मदों का जमकर दुरुपयोग सामने नज़र आता है ।
दूसरी ओर पूरे भारत में स्वच्छ भारत अभियान के चलते नगर एवं ग्राम में साफ – सफाई का अभियान जारी है लेकिन , आदिवासी विकास खण्ड मैनपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत धारनीढोड़ा में सड़क किनारे कूड़ा – कचरा से भरा है , सुध लेने वाला कोई भी नही , वहीं खबरों की माने तो 14वें वित्त की राशि से क्षेत्र के कई ग्रामो में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत साफ – सफाई किया गया था , लेकिन ग्राम पंचायत धारनीढोड़ा में सड़क किनारे कचरों से भरा नजर आ रहा है , पंचायत प्रतिनिधि भी इससे शायद बेखबर है , नल से निकली अनुपयोगी जल जो की नाले से होकर गांव के बहार जाता है , वह भी नाली में भारी मात्रा से कचरे भर जाने के कारण वही बीच नाली में रुक गया है , जिससे संक्रमण जैसी अनेक बीमारियां पैदा होने कि संभावना है , यह सब पंचायत प्रतिनिधियों की लापरवाही का करनामा है । जो खुद के गांव को सुधार ने में असफल रहे हैं ।
वहीं ग्रामीणों की माने तो शिक के बाद भी कोई बदलाव नहीं हो रहा यह बताना लाजमय होगा की अपने ग्राम में कूड़े – कचरे को देखते हुए भी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अनदेखा किया जा रहा है , गांव की समस्या को सुधारना उचित नही समझ रहे है , अगर इस तरह की समस्या हमेशा गांव में बनी रहेगी तो लोगों को अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ेगा , और गांव की हालत बेहद खराब नजर आयेगा , जिससे लोगों में अनेक संक्रमण वायरल बुखार पैदा हो सकता है , इस की गांव की तस्वीर इस तरह कैसे बिगड़ गया इसका जिम्मेदार कौन है कब ग्राम पंचायत धारनीढोड़ा के लोगों को गंदगियों से राहत मिलेगी सवाल आज भी बरकरार है ।


