लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद
गरियाबंद जिला प्रशासन के द्वारा 13 अप्रैल से 23 अप्रैल तक पूरे जिले में दस दिनों के लिए लाकडाउन लगाया गया है, मगर फिंगेश्वर और छुरा विकास खंड में जल संसाधन संभाग गरियाबंद के पैरी मुख्य नहरों में बदस्तूर कार्य आज भी जारी है और तो और पोंड़ स्थित मुरुम खदान से धड़ल्ले से मुरुम खोदने और सप्लाई का भी अनुमति दे दिया गया है। जबकि पैरी नहर परियोजना में चल रहे कार्य को कराने के लिए ठेकेदार द्वारा दूसरे राज्य के मजदूरों को लाकर कार्य निस्पादन कर रहा है तो ऐसे में कैसे सरकार के आदेश का पालन हो पायेगा।
जबकि जिस जगह पर दूसरे राज्य से आये मजदूर कार्य कर रहे है वहां पर संबधित अधिकारी, इंजीनियर मौजूद ही नही रहते फिर आप तो सोच ही सकते हो उस कार्य की गुणवत्ता कैसे होगा?
वही ऐसा भी लोगों के जुबान पर आ रहा है कि ठेकेदारों के आगे प्रशासन नतमस्तक है यह लाकडाउन सिर्फ आम जनता के लिए है। प्रशासन की लापरवाही के चलते कोरोना की मरीजों की संख्या जिला में बढ़ते जा रहा है। वहीं एक तरफ प्रत्येक जिलों में पूर्ण लाकडाउन की घोषणा वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के माइनिंग विभाग में कार्य करने की धड़ल्ले छूट।
जिला प्रशासन गरियाबंद के इस 22 बिंदुओं के लाकडाउन आदेश में माइनिंग का संचालन कार्य के लिए आदेश नहीं, तो फिर वि.खं. छुरा के पोंड़ में मुरुम का खनन और परिवहन कैसे जारी…?
अब हमें देखना होगा कि खबर के प्रकाशित होने के बाद जिला के सबसे बड़े अधिकारी क्या करेंगे
वही संबंधित विभाग के अधिकारी अब कुछ समय बाद रिटायर्ड होने वाले है इस कारण शायद ये काम जल्दी से जल्दी निपटा कर अपना? ……
चाहे जैसा भी हो कार्य करवा रहा है इस वैश्विक महामारी में भुगतना तो गरीब जनता को ही है।

