बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र में लो-वोल्टेज एवं बिजली कटौती से काफी परेशान हैं ग्रामीण , विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल प्रखंड अमलीपदर के मंत्री आकाश मिश्रा एवं सांथीयो ने दिया उग्र आंदोलन की चेतावनी

📡 ब्यूरो रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

गरियाबंद जिले के बिन्द्रानवागढ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर और देवभोग क्षेत्र के लगभग 365 ग्रामों के लाखों नागरिकों को पिछले दो-चार माह से लो वोल्टेज और बिजली कटौती के चलते भारी परेशानियाें का सामना करना पड रहा है,प्रखंड मंत्री आकाश मिश्रा ने कहा कोरोना का रफ्तार एक तरफ तेजी से बढ रहा है तो दुसरी तरफ लगातार लो वोल्टेज और बिजली कटौती से क्षेत्र के लाखों रहनवासी थर्रा उठे है, 24 घंटे में लगातार 06 घंटा भी बिजली नसीब नही हो पा रहा है 24 घंटे के भीतर 20 से 25 बार लगातार बिजली की आंख मिचौली जारी है, और तो और दिन को दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक और रात्रि में 10 से रात 01 बजे तक लगभग 06 घंटा लोड सेंडिग के नाम पर प्रतिदिन बिजली कटौती तो निर्धारित है ही लेकिन इसके बाद बावजूद 20 से 25 बार बिजली की आंख मिचौली बदस्तुर जारी है, रात रातभर बिजली बंद हो जाने से नागरिकों का नींद पुरा नही हो पा रहा है, और इसका सेहत पर विपरित असर देखने को मिल रहा है, दिनभर लोग सुस्त नजर आते है और तो और अनेक तरह के शारीरिक परेशानी उत्पन्न हो रही है, एक तरफ कोरोना का मार लोग सहन नही कर पा रहें है, दुसरी तरफ बिजली विभाग ने इस वर्ष ऐसे क्षेत्र की जनता को रूला रहें है कि लोगो को सन् 1990 की याद आ रही है,प्रखंड मंत्री आकाश मिश्रा ने कहा आज से तीन दशक पहले क्षेत्र में ऐसी बिजली बंद हुआ करता था, जब यह क्षेत्र घनें जंगलो से घिरा हुआ था, एक तरफ तो पुरे छत्तीसगढ प्रदेश को सर प्लस बिजली वाला राज्य कहा जाता है, ठीक इसके विपरित गरियांबद जिले के बिन्द्रानवागढ विधानसभा क्षेत्र के मैनपुर और देवभोग क्षेत्र के लोगो को दिन रात मिलाकर 06 घंटा बिजली लगातार नसीब नही हो रही है, जो केंद्र और राज्य सरकार के सर प्लस बिजली वाला राज्य कहने के दावे का पोल खोलकर रख दिया हैं।
अघोषित कटौती व बिल में गड़बड़ी समेत अन्य समस्या को लेकर 23अप्रैल से युवा ग्रामीण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे।
विद्युत वितरण विभाग का शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बुरा हाल बना हुआ है। अनेक उपभोक्ताओं को बिजली समुचित ढंग से नहीं मिल रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को हो रही है। सर्वाधिक बिजली उत्पादन करने वाले जिले के ही उपभोक्ता बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं और आंदोलन, शिकायत के बाद भी समस्या का निदान नहीं हो रहा है। इससे क्षेत्रवासियों में काफी नाराजगी बनी हुई है।
प्रखंड मंत्री अमलीपदर-आकाश मिश्रा ने सरकार और प्रशासन की इस बात के लिए आलोचना करते हुए कहा कि ऊर्जाधानी जिला होते हुए भी यहां के नागरिक ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं। एक ओर नागरिकों को बिजली से वंचित किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों रुपयों के बकायदार उद्योगपतियों और औद्योगिक समूहों को सस्ती दरों पर बिजली दी जा रही है। विद्युत समस्या से परेशान क्षेत्रवासियों ने चरणबद्ध आंदोलन के तहत पुतलादहन, रैली, घेराव किया, लेकिन विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं खुली। युवा नेता आकाश मिश्रा ने सरकार और प्रशासन की इस बात के लिए आलोचना करते हुए कहा कि ऊर्जाधानी जिला होते हुए भी यहां के नागरिक ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं। अनेकों नागरिकों को बिजली से वंचित किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों रुपयों के बकायदार उद्योगपतियों और औद्योगिक समूहों को सस्ती दरों पर बिजली दी जा रही है। विद्युत समस्या से परेशान क्षेत्रवासियों ने चरणबद्ध आंदोलन के तहत पुतलादहन, रैली, घेराव के लिए लॉक डाउन के पश्चात ही रूप रेखा त्यार की जायेगी और बिजली विभाग के उच्च अधिकारि एवं विभाग के फील्ड अधिकारियों की नींद नहीं खुली तो उग्र आंदोलन निश्चित तौर पर किया जाएगा।

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