छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सको की कमी को पूरा करने के लिए 2018 में सीपीएस के साथ सहयोग से जिला अस्पतालों में पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सा कोर्स शुरू किया गया था ये कोर्स जिला चिकित्सालय दुर्ग,रायपुर,बिलासपुर,धमतरी में शुरू किया गया था।स्त्री एवम प्रसूति रोग,शिशु रोग एवम पैथोलॉजी विभाग में इस कोर्स को शुरू किया गया था।सभी कोर्स मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से पूर्णतः मान्यता प्राप्त है।इस कोर्स के समाप्ति के पश्चात इसका मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जाना है।इसके पूर्व नवम्बर 2020 में परीक्षा का आयोजन रायपुर के जिला चिकित्सालय में किया गया था। अब इस कोर्स के मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जाना है।परंतु राज्य नोडल अधिकारी डॉ श्रीकांत राजिमवाले ने स्प्ष्ट शब्दो मे परीक्षा को छत्तीसगढ़ में आयोजित करवाने से इनकार कर दिया है।और सभी परीक्षार्थी को परीक्षा देने के लिए मुम्बई जाने को कहा जा रहा है।वर्तमान में महाराष्ट्र में मुख्यतः मुम्बई में कोरोना महामारी अत्यंत भयंकर रुप से फैला हुआ है।इस भयंकर महामारी के कारण वहां कभी भी लॉक डाउन हो सकता है।ऐसे में सभी परीक्षार्थी जो कि इन सर्विस शासकीय सेवारत चिकित्सा अधिकारी है उनको मुम्बई भेजा जाना एक तरह से उनको खतरे में डालना है।इस भयावह व्यवस्था को देखते हुए सभी चिकित्सा अधिकारी पूर्व की तरह परीक्षा को छत्तीसगढ़ में आयोजित करवाने हेतु स्वास्थ्य सचिव रेणु पिल्लै,स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़ ,कोर्स के राज्य नोडल अधिकारी डॉ श्रीकांत राजिमवाले को लिखित आवेदन दिया है।परन्तु स्वास्थ्य सचिव स्वास्थ्य संचालक ने अभी तक कोई कार्यवाही नही किया है वही राज्य नोडल अधिकारी का कहना है कि परीक्षा मुम्बई में देना होगा मैं कुछ नही कर सकता।जबकि इसी कोर्स की परीक्षा अन्य राज्यो में जैसे कि ओडिशा गुजरात मे वही हो रही है लेकिन छत्तीसगढ़ में सभी चिकित्सको को परीक्षा के लिए मुम्बई भेजा रहा है।इस विषय पर सभी परिक्षा देने वाले चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य मंत्री से भी गुहार लगाई है कि इस विषम परिस्थितियों में परीक्षा हेतु मुम्बई में न भेजकर पूर्व की भांति छत्तीसगढ़ में संपादित करवाई जाए।स्वास्थ्य मंत्री ने आस्वासन दिया है परंतु अभी तक कोई भी अधिकारी इस विषय पर कुछ नही कह रहे है।डॉ बुद्धेश्वर , डॉ प्रवीर नंद डॉ ऋचा तिवारी जिला चिकित्सालय बिलासपुर,डॉ उपासना देवांगन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तखतपुर,डॉ रवेंद्र साहू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा, डॉ लव पांडे जिला चिकित्सालय गरियाबंद डॉ मरकाम मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर एवम डॉ सत्य प्रकाश कोसरिया डॉ जितेंद्र ताम्रकार एवम अन्य चिकित्सक है जो इस परीक्षा में सम्मिलित होना चाहते है लेकिन मुम्बई में परीक्षा होने के कारण अब परीक्षा नही दे रहे है।ऐसे में सभी परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा ही नही देनेसे कोर्स करवाने का औचित्य ही खत्म हो जाता है।इस के अतिरिक्त यदि मुम्बई में परीक्षा देने जाना रुकना भी स्वयं व्यय से है।जबकि कोर्स संचालन के समय परीक्षा छत्तीसगढ़ में होने की बात कही गई थी लेकिन अब आयोजक परीक्षा ही नही करवाना चाहते है।सभी स्वास्थ्य विभाग के सचिव संचालक कोरोना से निपटने की तैयारी में मीटिंग कर रहे है लेकिन इन कोरोना में सेवा देने वाले कोरोना योद्धाओं की कोई सुनने को तैयार नही है।मुम्बई से परीक्षा के बाद वापस आने के 7 दिन क्वारेन्टीन रहना होगा ये कार्य दिवस माना जाएगा या चिकित्सा अधिकारियों की अनुपस्थिति माना जायेगा।यदि परीक्षा के दौरान मुम्बई में लॉक डाउन हो जाता है और ये चिकित्सा अधिकारी वहॉ फस जाते है तो स्वास्थ्य विभाग क्या करेगा इसका जवाब किसी के पास नही है।परंतु यदि वहाँ परीक्षा के दौरान किसी चिकित्सा अधिकारी को कोरोना संक्रमण हो जाता है या मृत्यु हो जाता है तो इसकी जवाबदेही लेने के लिए कोई शासन का अधिकारी तैयार नही है।ऐसे विषम परिस्थिति में सभी कोरोना योद्धाओं चिकित्सा अधिकारी को मुम्बई भेजा जाना अत्यंत शर्मनाक है और उससे भी ज्यादा शर्मनाक है स्वास्थ्य विभाग का उसी विभाग में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों की अनदेखी करना।
