बहुचर्चित खुड़मुड़ा हत्या कांड का दुर्ग रेंज आईजी और दुर्ग एसपी ने किया खुलासा, पारिवारिक जमीन विवाद बना हत्या का कारण


भिलाई।
 आखिरकार 87 दिन बाद दुर्ग पुलिस ने बहुचर्चित खुडमुडा कांड का खुलासा गुरुवार 18 मार्च को कर दिया। पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-छह में आयोजित पत्रकारवार्ता में दुर्ग रेंज आईजी विवेकानंद सिन्हा एवं दुर्ग पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने पूरे मामले का खुलासा किया।
ज्ञात हो कि 22 दिसम्बर 2021 को अमलेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खुडमुडा में बाड़ी में रहने वाले सोनकर परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई थी और एक को घायल कर दिया गया था। तब से दुर्ग पुलिस लगातार इस मामले को सूलझाने में एड़ी चोटी का जोर लगा रही थी लेकिन सफलता हाथ नही लग रही थी। पुलिस की जांच में जिनपर संदेह था उनका हाल ही में नार्को टेस्ट भी करवाया गया है। यह मामला मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र पाटन तथा गृहमंत्री के गृह जिला के होने के कारण बहुत चर्चे में रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ने दो बार, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने एक-एक बार खुडमुडा का दौरा किया था वही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल सहित भाजपा नेताओं ने भी सोनकर परिवार से मिलने गई थी। मामले का खुलासा करते हुए आईजी एवं एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद के कारण हत्या हुई।

21 दिसंबर 2020 को अमलेश्वर थाना में सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम खुड़मुड़ा खार में स्थित बालाराम सोनकर की बहू कीर्तन सोनकर और उसकी सास दुलारी की हत्या कर दी गई है और बालक दुर्गेश सोनकर को किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा घायल कर दिया गया है। बालाराम सोनकर तथा रोहित सोनकर की जानकारी नहीं है। सूचना पर पुलिस की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया । बारीकी से निरीक्षण करने पर बालाराम सोनकर और रोहित सोनकर का शव भी बाड़ी में स्थित पानी टंकी में बरामद किया गया। घायल बालक दुर्गेश को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया प्रार्थी संजू सोनकर ग्राम खूड़मुड़ा की रिपोर्ट पर वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य को ध्यान में रखकर बारीकी से विवेचना की छोटी सी छोटी बिंदुओं की तह तक पहुंचने के लिए सूचना संकलित कर तस्दीक किया।
घटना के मूल कारणों में पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद सामने आया इसके आधार पर संदेहियों एवं अन्य का वैज्ञानिक परीक्षण गांधीनगर केंद्रीय फॉरेंसिक लैब में कराया गया। परीक्षण उपरांत महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुए। उन्ही बिंदुओं को विवेचना का आधार बनाते हुए संदेहियों से पूछताछ की गई ।
विवेचना के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि गंगाराम सोनकर ने नरेश सोनकर ,योगेश सोनकर उर्फ महाकाल एवं रोहित सोनकर उर्फ रोहित मौसा को घटना करने के लिए अपने साथ शामिल किया। जिसके कारण संदेही गंगाराम सोनकर ,नरेश सोनकर, योगेश सोनकर एवं रोहित सोनकर उर्फ रोहित मौसा को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि गंगाराम को अपनी सवा एकड़ कृषि भूमि में आने जाने के।लिये रास्ता नही होने से अपनी माँ मृतिका दुलारी बाई को बाड़ी से रास्ते की मांग किया था। जिसे मृतिका दुलारी बाई एवं मृतक रोहित(भाई) विरोध करते थे। साथ ही गंगाराम सोनकर के हिस्से की सवा एकड़ कृषि भूमि सोमनाथ के नाम पर नही होने से सोसायटी में धान बेचने के लिये ऋण पुस्तिका नही देने एवं खाता अलग करने की बात को लेकर गंगाराम का विवाद माँ दुलारी से हुआ करता था।
गंगाराम ने अपनी माँ दुलारी को मारने की धमकी भी दिया था। विवेचना के दौरान घटना से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जप्त किया गया।
विवेचना में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आरोपी योगेश सोनकर उर्फ महाकाल पिता खेदूराम सोनकर उम्र 34 साल ग्राम घुघवा,नरेश सोनकर पिता पुनीत राम सोनकर उम्र 49 साल ग्राम घुघुवा, गंगाराम सोनकर स्व. बालाराम सोनकर उम्र 35 साल ग्राम खूड़मुड़ा, रोहित सोनकर उर्फ रोहित मौसा पिता भुवन लाल सोनकर उम्र 35 साल ग्राम कोपेडीह थाना अमलेश्वर पर प्रथम दृष्टया अपराध सबूत पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया।

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