छत्तीसगढ़ का 16 स्तंभों वाला एकमात्र प्राचीन शिव मंदिर बेमेतरा सहसपुर


प्रदीप ताम्रकार धमधा

-जिला मुख्यालय बेमेतरा से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम सहसपुर जहा 13,वी 14, वी शताब्दी में नागवंशी राजाओं द्वारा निर्माण कराया गया प्राचीन शिव व हनुमान मंदिर जहा प्रत्येक शिवरात्रि में भब्य मेले का आयोजन किया जाता है जहां दर्शन करने दूर दराज के भक्तों की काफी भीड़ उमड़ती है,इस मंदिर में कुल 16 स्तंभ है और सभी स्तंभों में नागवंशी राजाओ का प्रतीक चिन्ह शिल्पकला के माध्यम से उकेरा गया है, मंदिर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति है वही गर्भगृह में भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग 1फिट ऊंचा व 3 फिट चौड़ा है, यहां पर भगवान शिव धरती से स्वयं प्रगट हुए हैं जिसके कारण उसे स्वयम्भू शिव भी कहते हैं, वही कुछ ही दूरी पर हनुमान जी की प्राचीन मंदिर है जिसमें नागवंशी राजाओ द्वारा कोई मूर्ति स्थापित नहीं करवाया गया उस समय उस जगह को लोग भूतों वाला मंदिर कहते थे और लोग वहां पर नही जाते थे लेकिन 1967में ग्रामीण समिति की स्थापना हुई जिसका प्रथम अध्यक्ष भुवन सिंह ठाकुर के द्वारा हनुमान जी की मूर्ति का स्थापना करवाया गया जिसके बाद से लोगो का आना जाना इस मंदिर में शुरू हुआ । बता दें कि एक इस गांव में जब अकाल पड़ा तो ग्रामीणों द्वारा मंदिर के जल निकासी को बंद कर शिवलिंग को जलाभिषेक कर डुबाने का प्रयास किया गया लेकिन शिवलिंग नही डूबा तब से लेकर आज तक इस गांव में अकाल नही पड़ा ।और उसके बाद से लोगो की आस्था इस मंदिर के प्रति बढ़ गई और अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए लोगों का इस दरबार में आने का शिलशिला शुरू हो गया ।

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