भिलाई। एक साल कोरोना के बाद पुनः लगे कलाकृति जगार मेले में बनारसी वस्त्र टेराकोटा के उत्पादकों ने मचाई दुर्ग में धूम। जागृति महिला समिति के अध्यक्ष रेहाना परवीन ने बताया कि दुर्गवासियों ने बाहर से आये शिल्पकारों को काफी सराहा। शीघ्र ही अंतिम तीन दिन के बाद रविवार 28 फरवरी को कलाकृति कलाकार लेंगे दुर्ग से विदाई। रेहाना परवीन ने बताया कि जगार मेले में लखनऊ की चिकन कारी,सहारनपुर के उत्पादों में नया पैटर्न लकड़ी के साथ रॉट आयरन झुल्हा व अन्य उत्पादो की डिमांड बढ़ गई है। इसके अलावा कलाकारों की बेहतर शिल्पकारी से लोगो के मन मुग्ध कर रही है। बचे तीन दिनों में लोगो की खासी भीड़ उमड़ रही है।

जगार में में एक से बढ़कर एक उत्पाद से लोग अपने घरों को सजाने शिल्प खरीदकर ले जा रहे है। राजस्थान एवं पटियाला की जूती सीतापुर की दरियां हाथ से बुनी बंगाल की कसीदाकारी कृत वस्त्र विशेषकर काश्मीर की पसमीना शॉल एवं ड्रेस मटेरियल छत्तीसगढ़ का ढोकरा शिल्प विशाल रेंज उपलब्ध है।

बाहर से दुकान लगाने आए सभी दुकानदारों को सम्मान किया गया और उनको सम्मान प्रमाण पत्र भेंट किया गया कलाकृति मेला में दूसरे राज्यों से अपनी कला को दिखाने के लिए भिलाई दुर्ग में कलाकृति मेला में दुकान लगाकर दुर्ग के सभी लोगों को अपनी कला के बारे में जानकारी दी और पुरानी कलाकृति के बारे में बताया और दुकानदारों को प्रमाण पत्र के साथ सम्मान किया गया।
