? संवाददाता तेनसिंह मरकाम गरियाबंद
देवभोग : पूर्वजों से चली आ रही सदियों पुरानी छत्तीसगढ़ी परंपरा को निभाते हुए छत्तीसगढ़ के कई गांव में मड़ाई की धूम इन दिनों देखी जा रही है इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे हुए गांव देवभोग मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर की दूरी खोकसरा में आज भी 100 साल पुराना परंपरा मडई मेला त्यौहार मनाया गया इसके अलावा मड़ाई त्यौहार में अड़ोस पड़ोस गांव के सभी देवी देवताओं को बुला कर पूजा अर्चना कर गांव की सुख समृद्धि एवं अनेक प्रकार के कुशल मंगल के लिए पूजा अर्चना किया जाता है तथा गांव में खुशी का माहौल रखते हुए आपसी भाई चारा तथा ग्रामीणों द्वारा समस्त रिश्तेदार को बुलाकर इस त्यौहार में पूजा अर्चना किया जाता है
खोकसरा में सार्वजनिक मड़ाई का धूमधाम आयोजन
ग्राम खोकसरा बड़ी आबादी वाला गांव है और छत्तीसगढ़ ओडिशा के बॉर्डर पर स्थित है इस गांव में आए दिन धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते आ रहे हैं पूरे गांव वाले इकट्ठा होकर आपस में चंदा बराल इकट्ठा करके ऐसे ही भव्य धार्मिक कार्यक्रम अनुष्ठानों का आयोजन करते रहते हैं विगत कई वर्षों से लगातार खूब जोरदार धूम के साथ मड़ाई मेला का आयोजन हो रहा है अपने परम पूज्य इष्ट देवी देवताओं की आराधना साथ ही बाहर से आए हुए अन्य देवी देवताओं के भी विशेष भव्य स्वागत इसके अलावा रात्रि कालीन में मनोरंजन हेतु उड़ीसा से नाटक मंडली को बुलाया जाता है सिर्फ देवी देवताओं की पूजा आराधना ही नहीं बल्कि गांव वालों की एकता अखंडता विश्वास और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिलता है यही नहीं ग्राम खोकसरा की मड़ाई मेला में छत्तीसगढ़ और उड़ीसा कि मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी दर्शाता है छत्तीसगढ़ और उड़ीसा एक दूसरे के रोटी बेटी का रिश्ता इलाकों में चली आ रही है और इस कड़ी में एक दूसरे के रिश्तो का भी मर्यादा सम्मान और भी बढ़ जाता है जब दूसरे राज्य के संबंधी अपने राज्य में मड़ई मेला पर घर पर आता है कुछ ऐसा ही मार्मिक सुखद पल खोकसरा के मड़ाई में देखने को मिला
मड़ाई के अलावा खोकसरा में सप्ताहिक बाजार की धूम
ग्राम खोकसरा में सप्ताहिक बाजार 1 दिन बुधवार को यह त्यौहार मनाया जाता है बाजे गाजे के साथ देवी देवताओं का भव्य रैली बाजार में निकाल कर बड़े धूमधाम से मनाया जाता है यह देवभोग क्षेत्र के दूसरा मडई मेला था इसके पहले सेनमुड़ा की मड़ाई मेला अब खोकसरा के भी मड़ाई का खबर इस चैनल पर देख सकेंगे
खोकसरा के भव्य आयोजन मड़ाई काफी प्रशिद्ध है जिसके चलते भारी भीड़ देखने को मिली दूर-दूर से मडई मेला में शामिल होने पर व्यापारी व आसपास के ग्राम के ग्रामीण पहुंचे थे एवं रात्रि कालीन लोक कला नाटक कार्यक्रम में देर रात तक हजारों लोग डटे रहे ऐसे पारंपारिक मड़ाई मेला खोकसरा में आयोजित होते हैं
मड़ाई में देवी देवताओं की खास पूजा विधान
इस पावन मड़ाई मेला के पर्व पर ग्राम के पुजारी रनजीत सिंह सोरी ने news24 संवाददाता को जानकारी देते हुए बताया कि मड़ाई मेला के दौरान बहुत ही सख्त नियम कायदे कानूनों को पालन करते हुए देवियों की पूजा आराधना नियमानुसार करना रहता है हर देवी देवताओं की एक तरह का खास पूजा किया जाता है बहुत ही सुखद और मार्मिक पल होता है मान्यता अनुसार देवी देवताओं की पूजा आराधना में कोई चूक नहीं बरतना रहता है इसके लिए तैयारियां पिछले कई महीनों से करना पड़ता है तब जाकर इस तरह का मड़ाई संपन्न होता है
सार्वजनिक तौर पर मनाए जाने वाले इस पर्व को मनाने के लिए ग्रामीण पिछले 1 वर्ष से इंतजार पर लगे रहते हैं और जब यह पल यह दिन आता है तो पूरे खुशियों की बौछार लेकर आता है क्योंकि इन दिनों खेती किसानी भी काम फसल काटने का पूरा हो चुका है इस खुशी में भी त्योहारों की साजो सजावट मडई में चार चांद लग जाता है
ग्राम खोकसरा में मनाई गई मड़ई में सभी श्रद्धालु भक्तजन ग्रामीण का विशेष योगदान रहा है और हर वर्ष परंपरा अनुसार यह कार्यक्रम चली आ रही है इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर गांव के पुजारी श्री रंजीत सोरी , पटेल संतन सिंह सोरी , मनीराम सोरी ,दीप लाल सोरी श्री चैतमल मरकाम , कोटवार खेमानीधी नेताम , जय सिंह मरकाम , रसिक राम कश्यप , विद्युत राम साहू , फुल कुमार पांडे , कीर्तन राम साहू , चंद्रमणि दास , निरंजन नेताम, देशबंधु नेताम , परसु सिंह सोरी , उपेंद्र सोरी , जगमोहन नागेश , भूपेंद्र खरे , दिनेश खरे ,गजेन्द्र यादव , प्रेमलाल यादव , थबिरो साहू, सहित भारी संख्या में क्षेत्रवासी व ग्राम वासियों की उपस्थिति रही और कार्यक्रम को सफल बनाने पर अपना विशेष योगदान दिए
