? ब्यूरो रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
गरियाबंद। सुप्रसिद्ध कांदा डोंगर अपने अपार प्रकृति के सौंदर्य से भरा है चारों तरफ कुदरत अनूपम छटा से भरपूर अपने अंदर अपार संभावनाएं को समेटे हुए क्षेत्र के आधार स्तंभ की भांति सदियों से विराजमान हैं तो वहीं दूसरी ओर कांदा डोंगर में सैलानियों के लिए पर्यटन दृष्टिकोण से अद्वितीय शानदार मनोरा दृश्य बरबस ही लोगों को अपनी ओर खींच लाता है।
इसके अलावा आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी कांदा डोंगर प्रख्यात है इलाके के सैकड़ो देवी देवताओं के गढ़ भी कहा जाता है कांदा डोंगर में न सिर्फ प्रकृति की सुंदर छवि है बल्कि इलाके के सभी देवी देवताओं के आध्यात्मिक केंद्र भी कांदा डोंगर को माना जाता है।
कांदा डोंगर में इतिहास से जुड़ी रामायण काल से जुड़ी कुछ कहानियां भी बुजुर्गों की जुबानी से सुनने को मिलता है ऐसे महान प्रसिद्धि धारण किए गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुढ़ियारी के समीप स्थित है । विशाल कांदा डोंगर,कांदा डोंगर खम्ब स्थापना को लेकर विशेष चर्चा अमलीपदर गुढ़ियारी कांदाडोंगर चौरासी गढ़ गांव के पुजारी बेगा सरपंच के द्वारा विसाल बैठक कांदाडोंगर मा कुलेश्वरी खमेश्वरी देवी के खम स्थापना के सबंद में कार्य योजना चर्चा करने हेतुआहूत किया गया था जिसमें सार्वजनिक तौर पर इलाके के प्रमुख जनमानस मौजूद रहे जिसमे बिन्द्रानवागढ़ विधायक डमरूधर पुजारी पूर्व विधायक संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी जनजागरण मंच जिला अध्यक्ष यशवंत मरकाम नदोपुजारी गोकुल झांकर मुकेश दाऊ टीकमसरपंच ग्रामपंचायतगोड़ियारी ग्रामपंचायत अमलीपदर सरपंच सेवनपुजारी सरपंच मदनकपिल रोशन अवस्थी जगनाथ कपिल मोहित यादव बंसि सोनवानी एवम चौरासी गढ़ के सरपंच मुखिया पुजारी पटेल और क्षेत्र एंव ग्राम वासी उपस्थित रहे।
सभा में उपस्थित जनमानस के द्वारा माँ कुलेश्वरी खमेश्वरी देवी के खम स्थापना को लेकर विशेष तौर पर चर्चा किया गया और आने वाले वर्ष में कांदा डोगर की विशेष दशहरा त्यौहार पर कैसे तैयारियां रहेगी क्या व्यवस्था रहेगा उस पर भी चर्चा किया गया साथ ही कांदा डोंगर को पर्यटन के दृष्टिकोण से किस तरह से बदलाव किया जा सकेगा इस उद्देश्य को लेकर भी अध्ययन किया गया दूसरी ओर पर्यटन स्थल की दर्जा को लेकर सरकार से बात करने को लेकर भी जानकारी दिया गया
विधायक डमरूधर पुजारी ने news24 संवाददाता को बताएं कि कांदा डोंगर इस इलाके की शान है और कांदा डोंगर में कई देवी-देवताओं का वास है और कांदा डोंगर पर आयोजित वार्षिक भव्य दसहरा को लाखों लोग राज्य और राज्य से बाहर के श्रद्धालुओं देखने आते हैं कांदा डोंगर की सुंदरता को शानदार भव्यता को और इसकी प्रसिद्धि आज देश और दुनिया में देखी जा रही है पर दुख इस बात की है कांदा डोंगर को अब तक पर्यटन का दर्जा नहीं मिल पा रहा है बस दिलासा ही दिया जा रहा है लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य होता नजर नहीं आ रहा है। हम अपनी ओर से पूरी कोशिश तैयारी कर रहे हैं ताकि कांदा डोंगर इलाके में जो प्रसिद्धि है सरकारी तर्ज पर भी पर्यटन का दर्जा देकर इस प्रसिद्धि को विश्व प्रसिद्ध किया जा सके।
खबर अनुसार आज कि विशेष कार्यक्रम में कांदा डोंगर स्थित है माँ कुलेश्वरी खमेश्वरी देवी देवताओं की खम्ब स्थापना को लेकर चर्चा किया गया है और खम्ब की स्थापना किस तिथि पर होगी अब तक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है एक विचार था लोगों के बीच में समाज के बीच में जिसको लेकर आज बैठक बुलाई गई थी और खंब स्थापना को लेकर अंतिम निर्णय कब होगी इस पर विचार अगली बैठक में रखी जाने की खबर सामने आ रहा है।
कांदा डोंगर के लिए पर्यटन स्थल का दर्जा कब मिलेगा
कांदा डोंगर को पर्यटन स्थल बनाने को लेकर पिछले कई सालों से शासन प्रशासन को अवगत करवाया जा रहा है अब तक कोई ठोस कदम उठता दिखाई नहीं दे रहा एक पर्यटन स्थल पर जो भी आवश्यकता के चीज़े होती है वो सब कांदा डोंगर में सदियों से मौजूद हैं।
कांदा डोंगर को अगर पर्यटन स्थल नही बनाया गया तो कांदा डोंगर की सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व, पुराणिक कथाएं, मान्यताओं, अनेक देवी देवताओं का गढ़ शोभायात्रा सिर्फ स्थानीय लोगों तक ही सीमित होकर रह जायेगी जबकि कांदा डोंगर विश्व प्रशिद्ध होने का काबिल रखता है।
कई सारे वीडियो कांदा डोंगर के हर एक बारीकी से बारीकी तथ्यों को वीडियो बनाया है और इन वीडियो को लाखों लोग देख भी चुके है फिर भी लगता है शासन प्रशासन विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहे है या गहरी नींद में है।
