बेल्हारी में एक दिवसीय रामायण तिहार में संगीतमय रामकथा में झूमे ग्रामीण
मनीष चन्द्राकर
जामगांव- आर। समाजसेवी संस्था युवा मित्र मंडल द्वारा ग्राम बेल्हारी में आयोजित एक दिवसीय रामायण तिहार में आमंत्रित दुर्ग,भिलाई,डोंगरगांव की चुनिंदा मानस मंडलियों के संगीतमय श्रीरामकथा की प्रस्तुति से पूरा गांव राममय हो गया ,जनमानस मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भजनों में थिरकते रहे ! रविवार को स्थानीय मानस मंच में पं सनत शर्मा ने श्रीराम दरबार की स्थापना एवं पूजन किया,कार्यक्रम का शुभारंभ जिपं उपाध्यक्ष अशोक साहू,कांग्रेस नेता रूपेंद्र शुक्ला,सरपँच जितेश्वरी महमल्ला एवं सेक्टर प्रभारी किशोर चन्द्राकर की मौजूदगी में हुआ,मौके पर कांग्रेस नेता रूपेंद्र शुक्ला ने कहा कि ऐसे पारम्परिक एवं धार्मिक आयोजन गाँव मे सद्भावना बढ़ाने एवं प्रगति में सहायक सिद्ध होते है,युवा पीढ़ी को हिन्दू समाज और देश के गौरवशाली इतिहास का जानना जरूरी है,जिपं उपाध्यक्ष अशोक साहू ने बताया कि हमारा छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल है,उनके वन गमन को मार्ग को सरंक्षित और विकसित करने में राज्य सरकार सतत कार्यशील है ! अध्यक्षीय उद्बोधन में मनीष चन्द्राकर ने कहा कि प्रभु राम ने दीन-दुखियों और सदाचारियों की रक्षा की तथा सबल और अन्यायकारी ताकतों का दमन किया,सच्चे लोकनायक के रूप में प्रभु श्रीराम ने जन-जन की आवाज को सुना और राजतंत्र में भी जन गण के मन की आवाज सर्वोच्चता प्रदान की !

समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र समर्पण निधि संकलन अभियान के पाटन खण्ड सह संयोजक किशोर साहू ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम करोड़ों हृदयों के आराध्य ही नहीं, बल्कि साक्षात् राष्ट्रपुरुष हैं ,किकिरमेटा सरपँच नेतराम निषाद,ग्राम प्रमुख संतोष राठी,हलधर महमल्ला एवं राजकुमार राठी ने युवा मित्र मंडल के सामाजिक कार्यों एवं अर्थपूर्ण आयोजनों की सराहना की। कार्यक्रम में मानस प्रचारक आशीष सिन्हा,अनिल शर्मा एवं रामकुमार शांडिल्य को सम्मानित किया गया।
इस दौरान यादमल गोलछा,भूषण चन्द्राकर,दीपक बंसोड़,लेखनारायन जारके,अमित राठी,रामसिंह बंसोड़,संदीप शर्मा,रोमलाल अष्टबन्धु,मोहित निषाद,ताराचंद महतो,अंकित शुक्ला,संतोष लहरे,आंनद बंसोड़,मुकेश साहू,अजय साहू,खुमान सिंह साहू,खिलेश्वर टण्डन,नेवेन्द्र प्रजापति,अगहन सिंह ठाकुर,अमरनाथ,भेन चन्द्राकर, मोहनीश,जागेन्द्र प्रजापति सहित अन्य उपस्थित थे ।
