दबा बल्लू बोलने वालों पर अब 5551 रुपये जुर्माने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराने का फरमान जारी

छत्तीसगढ़ी गाना ‘दबा बल्लू’ इन दिनों हर किसी की जुंबा पर चढ़ने लगा है। कहीं असामाजिक तत्व इसके दोहरे अर्थ का लाभ उठाते हैं तो कहीं किसी को तंग किया जा रहा है। इस वह से आयेदिन लड़ाई झगड़ा अशांति भी फैलने लगी है। लेकिन अब राजधानी रायपुर से लगे धरसीवां जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कांदुल ने इस पर प्रभावी कदम उठाया है। दरअसल इस डायलाग के गांव में बोलने से लड़ाई-झगड़ा और अशांति फैलने का मामला सामने आ चुका है।
लिहाजा इस डायलाग पर बैन लगा दिया गया है। इसे बोलने वालों पर अब 5551 रुपये जुर्माने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराने का फरमान जारी हुआ है। ग्राम पंचायत के सरपंच ने गांव में मड़ाई मेला के पूर्व ही यह फरमान जारी किया है ताकि गांव में शांति-व्यवस्था बनाये रखने, उत्पात मचाने और लड़ाई झगड़ा करने वालों पर अंकुश लगाया जा सके। इसीलिए यह कड़ा कदम उठाया गया है। ग्राम पंचायत सचिव लखन वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अक्सर गांव में असामाजिक तत्व अशांति फैलाने का प्रयास करते हैं।
खासतौर से हर साल मड़ाई मेला में असामाजिक तत्वों के कारण लड़ाई झगड़ा से अशांति फैलती थी। इसे ध्यान में रखकर इस साल ग्राम पंचायत सरपंच अश्वन लहरे ने यह सूचना जारी की है। पूर्व में ही मुनादी करा दी है कि मड़ाई मेला के शुभ अवसर पर किसी प्रकार के लड़ाई या मारपीट या ‘दबा बल्लू’ जैसे डायलाग बोलने पर 5551 रुपये का दंड लेकर एफआईआर दर्ज कराया जाएगा।

चाहे वह गांव का निवासी हो या बाहरी कोई अन्य व्यक्ति हो। यदि गांव वाले बाहरी किसी व्यक्ति का सहयोग करते है तो उन्हें भी दंडित किया जाएगा। गांव के मड़ाई मेला में अमन चैन बनाये रखने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा जारी यह फरमान चर्चा का विषय बन गया है।

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