? ब्यूरो रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
मैनपुर के वनांचल क्षेत्र में बसे कान्डसर मे अलेख महिमा सागर शक्ति पीठ गौ सेवा केन्द्र ( बाबा आश्रम ) मे बाबा उदयनाथ के द्वारा पौष पुन्नी त्योहार व किसान सम्मान सम्मेलन सहित ग्वालो का सम्मान किया गया, जिसमे उदयनाथ बाबा और उनके शिष्य द्वारा किसानो का व अतिथियो का हल्दी चावल से टिका लगाकर स्वागत किया गया , आप को बता दे बाबा उदयनाथ के आश्रम मे लगभग एक हजार से ज्यादा गाय बैल का देखभाल ( गौ सेवा ) किया जाता है और गौ रक्षक (गौ सेवक ) के नाम से भी जाना जाता है उनके आश्रम मे आयुर्वेदिक औषधि का उत्पादन किया जाता है , सम्मेलन के दौरान बाबा उदयनाथ ने सर्वप्रथम आश्रम के गाय चरवाहो को साल श्रीफल देकर ग्वालो का सम्मान किया गया , बाबा ने अपने संबोधन में news24 संवाददाता को कहा कि इन ग्वालो के कारण ही आज मेरे को सब गौ रक्षक के नाम जानते है गौ माता की सेवा विगत 15 वर्षों में किस तरह से हो रही थी यह किसी से छिपा हुआ नहीं है, सेवा के लिए आपके मन में श्रद्धा का भाव का होना आवश्यक है, केवल नाराबाजी करने से कभी भी सेवा का कार्य पूर्ण नहीं हो पाएगा ,उन्होने आगे news24 संवाददाता को कहा एक गौ माता की सेवा करने मात्र से आपको संपूर्ण जगत के समस्त देवी देवताओं के आराधना और सेवा का फल प्राप्त होगा छत्तीसगढ़ राज्य में ही नहीं अपितु संपूर्ण भारत वर्ष में पहली बार गौ माता की गोबर से बनाए गए दीपक का दीपावली के अवसर पर विदेशों में खरीददारी की गई यह हम सब के लिए गौरव की बात है हमें अपने कार्यों में और भी उत्कृष्टता लानी हैं और अपने राज्य को उन्नत बनाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयत्न करना होगा ,तत्पश्चात सम्मेलन मे अमलीपदर, देवभोग, केन्दुपाटी, गोहरापदर, उरमाल, धुर्वागुडी, इन्दागाव, डुमाघाट, कान्डसर सहित ओडिसा के किसानों को साल श्रीफल देकर सम्मान किया गया।
प्रमुख रुप से किसान केनुराम यादव, हलधर यादव, भागीरथी मांझी अवनिश पात्र, ने सभी किसानों को बताया कि आज के युवाओं को निराश होने की जरूरत नही है यह क्षेत्र खेती किसानी क्षेत्र है, और यहा के खासकर युवा खेती किसानी के क्षेत्र में आगे आकर आधुनिक पध्दति से खेती किसानी कर अच्छा आमदनी कमा सकते है।इस समेल्लन मे प्रमुख रुप से संचालक केशरीलाल यादव,गौशाला अध्यक्ष दिनेश नागेश ,भागीरथी मांझी, कुष्टो मांझी, केनुराम यादव, हलधर यादव, जगदीश, कत. जोशी पशु चिकित्सक, उमांशकर हंसराज, जुजेष्टी मनहीरा सहित ओडिसा व आस पास के किसान व बाबा के शिष्य उपस्थिति थे ।
