छत्तीसगढ़ सरकार का फैसला : पहली से आठवीं तक के बच्चों की नहीं होगी परीक्षा, देखें आदेश

रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर छत्तीसगढ़ में इस साल भी पहली से लेकर कक्षा आठवीं तक परीक्षाएं नहीं होंगी। छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक जितेंद्र शुक्ला ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। पिछले साल की तरह इस साल भी स्कूल शिक्षा विभाग अब कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों की परीक्षा नहीं लेगा। इन्हें जनरल प्रमोशन दे दिया गया है।

35 लाख बच्चे अब अगली कक्षा में पहुंच जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के उपायों के तहत बड़ा निर्णय लेते हुए शिक्षा सत्र 2020-21 में इन बच्चों को सामान्य कक्षोन्नति (जनरल प्रमोशन) देने की अनुमति संचालक लोक शिक्षण को दी है। गौरतलब है कि पिछले साल भी कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर राज्य सरकार ने बच्चों को जनरल प्रमोशन दिया था।

पिछले साल ही प्रदेश में कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए राज्य शासन ने 19 मार्च से सभी स्कूलों को बंद कर हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल की परीक्षाओं को स्थगित किया था। फिर 20 मार्च से संपूर्ण छत्तीसगढ़ को लॉकडाउन किया गया। केंद्र सरकार की ओर से संपूर्ण भारत तक लॉकडाउन किया गया था।

लंबे समय तक स्कूल बंद होने के कारण स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाली पहली से आठवीं तक एवं नौवीं-11वीं की परीक्षाएं संपन्न नहीं कराई जा सकी थी। निकट भविष्य में भी परीक्षा आयोजित कर पाना संभव प्रतीत नहीं होता। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने केवल कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को जनरल प्रमोशन देने का निर्णय लिया।

कक्षा नौवीं और 11वीं के परीक्षाएं स्थानीय स्तर पर होम परीक्षा आयोजित की जाएगी। यानी छात्र अध्ययनरत स्कूल में ही परीक्षा देंगे, संबंधित स्कूल के द्वारा ही परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार कराए जाएंगे। समय-सारणी तैयार की जाएगी और मूल्यांकन कराकर परिणाम घोषित किए जाएंगे। सभी कार्य संबंधित स्कूल स्तर पर ही किए जाएंगे। इस संबंध में भी अलग से निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

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