देवरीबंगला। प्रत्येक चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अविभाजित खेरथा सर्किल के कई मुद्दे हाशिए पर चले गए हैं। विधायक कुंवरसिंह निषाद बन गए संसदीय सचिव, जिला पंचायत सदस्य चंद्रप्रभा सुधाकर बनी जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष और जनपद सदस्य जागृत सोनकर बने जनपद अध्यक्ष फिर भी छत्रिय मुद्दे दब कर रह गए हैं। जिसकी पहल अभी तक नहीं हुई है। प्रदेश सरकार का आधा कार्यकाल पूर्ण होने वाला है। इसी क्षेत्र से निर्वाचित सांसद, विधायक, जिला पंचायत सदस्य तथा जनपद सदस्यों ने तहसील, ब्लॉक, कॉलेज, आईटीआई, उप डाकघर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए कोई पहल नहीं की। एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र को इन प्रतिनिधियों से काफी उम्मीद थी। सासद को छोड़कर सभी प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी से जुड़े हैं। अविभाजित खैरथा सर्किल मे 96 ग्राम आते हैं। जिसके अधिकांश ग्राम गुंडरदेही विधानसभा में है। यहां से कुवरसिग निषाद 58 हजार से भी अधिक मतों से जीत हासिल किए हैं। तीन दशक से हैं ब्लॉक और तहसील की मांग :- डौंडीलोहारा तहसील को विभाजित कर देवरीबंगला में पुणे तहसील तथा विकासखंड की मांग तीन दशक से की जा रही है। डौंडीलोहारा ब्लॉक में 208 ग्राम तथा 120 ग्राम पंचायतें कार्यरत है। प्रशासकीय दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा विकासखंड है। यही स्थिति तहसील की भी है। जिला सरपंच संघ के पूर्व उपाध्यक्ष केशव शर्मा ने बताया कि देवरीबंगला में पूर्ण तहसील तथा विकासखंड की मांग 1990 से की जा रही है लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियो ने इस और ध्यान नहीं दिया। इसी प्रकार देवरीबंगला में सामान्य वर्ग के लिए आईटीआई तथा उप डाकघर की मांग भी लगातार की जा रही है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आवश्यक :- स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टिकोण से भी इलाका पिछड़ा हुआ है। ग्राम राघोनवागांव तथा मुड़िया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना आवश्यक हो गई है। आसपास के गांव के लोग प्राथमिक इलाज के लिए 15 से 20 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। ग्राम मनकी, रीवागहन, भरनाघाट, डूंमरघुचा, सालहे, गणेशखपरी, कुआंगांव, करमरी, अरजकुंड, पथरानवागांव, जामनारा, ग्वालीनडीह राणाखुजजी के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर परेशान है। तीन गांव में कॉलेज की है मांग :- सर्किल के 3 ग्राम पिंनकापार, जेवरतला तथा सुरेगांव में कॉलेज खोलने की मांग लगातार की जा रही है। यहां के ग्रामीण तथा पंचायत ने कॉलेज खोलने के लिए जमीन तथा अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव रखा है। ग्राम के प्रमुख शशि देशमुख, संजीव चौधरी, छकन साहू, कोदूराम दिल्लीवार, राजीव देशमुख, आशा देशमुख, चंद्रहास चापीरा ने कॉलेज खोलने की मांग की है।
सर्किल में तहसील, ब्लॉक, कॉलेज,आई टी आई और पीएचसी की मांग हुई तेज जनप्रतिनिधियों को मिल गई दोहरी जिम्मेदारी फिर भी स्थानीय हुए मुद्दे गौण
