भालूडिग्गी गांव को बुरी तरह उजाडने के बाद हाथियों का दल ओडिसा के तरफ रवाना

? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
मैनपुर. जान बचाने छोटे छोटे बच्चों को लेकर कमार जनजाति के लोग पहाडी के नीचे बसे ग्राम कुल्हाडीघाट उतरे
वन विभाग ने सरपंच के उपस्थिति में राशन सामग्री उपलब्ध कराई, ग्रामीणों को फिर से जिंदगी को संवारना होगा
उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र कुल्हाडीघाट अंगर्तत पहाडी के उपर बसे विशेष कमार जनजाति आदिवासी ग्राम भालूडिग्गी में लगातार तीन दिनों तक जंगली हाथियों के दल ने जमकर आंतक मचाया, और लगभग 16 ग्रामीणोंं के मकान, मवेशियों को रखने के कोठा, को बुरी तरह उजाड डाला और तो और धान और मक्का की फसल को पुरा चौपट कर डाला यहा के ग्रामीण जान बचाने पहाडी के गांव को छोडकर अपने समाज के मुखिया व कुल्हाडीघाट ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच बनसिंह सोरी के घर पहुचे और अपनी समस्याओं से उन्हे अवगत कराया बनसिंह सोरी ने वन विभाग पहुचकर हाथियों के आंतक से विभाग को आवेदन देकर तत्काल मुआवजा राशि देने की मांग किया, साथ इस खबर को हमारे पोर्टल न्यूज़ 24 crate ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जिसके परिणाम स्वरूप वन विभाग के अफसर कुल्हाडीघाट पहुचकर तत्काल पीडित परिवारो को राशन, दाल चावल सरपंच के सामने ही उपलब्ध कराई।


भालूडिग्गी गांव को उजाडने के बाद हाथियों का दल ओडिसा के तरफ रवाना
लगातार तीन दिनों तक हाथियों का दल भालूडिग्गी गांव में धावा बोलकर लगभग 16 कमार जनजाति ग्रामीणों के झोपडियों को पुरी तरह तोड डाला जिसमें सुकदेव पिता लसियाराम, अमर सिहं पिता रामसिंह, सोनाधर पिता भादूराम, श्रीमती पदमनी पति बुधराम, घनश्याम पिता भादूराम, अमर सिंह पिता रामसिंह, पंचम पिता गयाराम, कुंदन पिता सुकरात, आसमोतिन पति कुंदन, केजुराम पिता गयाराम, अयतीन बाई पति लखीराम, रूखमणी पति भगतराम, लोकेश पिता कुंनद राम, केजूराम पिता गयाराम, एंव पदमन पिता सुकालू राम सभी विशेष पिछडी कमार जनजाति के निवासी है और ये ग्रामीणों के मकानों को धान के फसलों को हाथियों के दलो ने बुरी तरह चैपट कर दिया जिसमें आठ परिवार ग्राम कुल्हाडीघाट पहुचकर सरपंच को अपनी समस्या से अवगत कराया ।
कब मिलेगा हमें हाथियों से छुटकारा हमारे बाल बच्चों का क्या होगा कहते आसमोती बाई रो पडी
हाथियों के द्वारा लगातार मकानों को तोडने के बाद फसलों को नुकसान पहुचाने से अपने छोटे छोटे बच्चों की जान बचाने लगभग 22 किलोमीटर पैदल कुल्हाडीघाट पहुची कमार महिला आसमोती बाई न्यूज़ 24 crate संवाददाता को हाथियों के आंतक की पीडा बताते हुए रो पडी और रोते रोते बताया कि कब हम लेागो को हाथियों कें आंतक से छुटकारा मिलेगा साहब हमारे बाल बच्चों का क्या होगा हम लोग जंगल में रहने वाले लोग है, फिर हमें घांस फुंस के मकान बनाना पडेगा और नया जिंदगी फिर से बसना पडेगा यह स्थिति वंहा से पहुचे कुल्हाडीघाट सभी कमार जनजाति के लोगो की रही है जो हाथियों के आंतक से पहाडी गांव को छोडकर कुल्हाडीघाट पहुचे थे ।
वन विभाग ने दिया राशन सामग्री वापस लौटे कुछ परिवार
वन विभाग कुल्हाडीघाट के वन परिक्षेत्र अधिकारी सुदर्शन नेताम ने कुल्हाडीघाट पहुचकर हाथियों से प्रभावित परिवारों को दाल चांवल बर्तन व जरूरी सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई तो कई परिवार के मुखिया आज बुधवार को ग्राम भालूडिग्गी के लिए पैदल लौट गए है वे लोग फिर से भालू डिग्गी में अपने टुट फुट चुके मकानों का सुधार करेंगे और अपना जिंदगी गुजर बसर फिर से करने रवाना हुए है साथ ही उनके साथ पहुचे महिलाए व छोटे छोटे बच्चे कुल्हाडीघाट ग्राम पंचायत क्षेत्र में अपने परिवार रिश्तेदारों के यहा रूके हुए है ।
क्या कहते है वन परिक्षेत्र अधिकारी

1 वन परिक्षेत्र अधिकारी सुदर्शन नेताम ने बताया कि हाथियों के दलो के द्वारा 11 ग्रामीणों के मकानों को और 10 किसानों के फसल को नुकसान पहुचाया है जिसका फसल क्षति मुआवजा दिया जायेगा पीडित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायत दाल चांवल राशि सामग्री उपलब्ध कराई गई है, वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया हाथियों का दल अब ओडिसा सोनाबेडा के तरफ रवाना हो गए है और इस गांव के लोगो को हाथियों के दलों से बचाव के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ।

सुदर्शन नेताम वन परिक्षेत्र अधिकारी कुल्हाडीघाट

2 कुल्हाडीघाट के पूर्व सरपंच एंव कमार जनजाति के मुखिया बनसिंह सोरी ने बताया ग्राम भालूडिग्गी में हाथियों के द्वारा पुरे ग्रामीणों के मकानों को उजाड डाला है ग्रामीणों को भारी क्षति हुई है जिसका भरपाई कर पाना आसान नही है, फिर से कमार जनजातियों के लोगो को मकान बनाना पडेगा और अपना नया जिंदगी की शुरूआत करनी पडगी यहा पर विभाग को चाहिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हे मुआवजा के साथ आर्थिक मदद् किया जाए।

बनसिंह सोरी पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत कुल्हाडीघाट

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