ओलावृष्टि से बर्बाद रबी फसल कि बकाया क्षतिपूर्ति राशि किसानों को प्रदान करने सभापति राहुल टिकरिहा ने मुख्यमंत्री बघेल एवं कृषि मंत्री चौबे को पत्र लिखकर किया निवेदन।

बेमेतरा –जिला में रबी फसल चना, गेंहू एवं अन्य फसलों की बची हुई क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र प्रदान करने के लिए अंकुर समाज सेवी संस्था के प्रदेश संयोजक एवं जिला पंचायत सभापति राहुल योगराज टिकरिहा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को पत्र लिखकर निवेदन किया है।

बेमेतरा जिला के लगभग 1 लाख 25 हजार किसानों को क्षतिपूर्ति की राशि प्रदाय की जानी थी किन्तु राज्य सरकार द्वारा बहुत ही कम राशि प्राप्त होने के कारण किसानों को उचित सहयोग राशि प्राप्त नहीं हो पाया है। जिला में जो क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई है वो ऊंट के मुंह में जीरा जैसा कहावत के समान है।

सभापति टिकरिहा ने पत्र में लिखा है “विषयान्तर्गत आपसे निवेदन है कि बेमेतरा जिला में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसल खराब हो गई थी। राज्य सरकार के आदेश पर क्षति का आंकलन राजस्व विभाग द्वारा किया गया था। जिले में फसल को पहुची क्षति के लिए राजस्व विभाग द्वारा 175 करोड़ रुपए डिमांड नोट राज्य सरकार को भेजा गया था। जिसमें से राज्य सरकार की ओर से बेमेतरा जिला के लिए करीब 4 महीने पहले 15 करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति के तहत किसानों को प्रदान करने के लिए भेजी गई थी। राज्य सरकार द्वारा भेजी गई यह राशि क्षति और मांग के अनुरूप बहुत कम है।

महोदय जी आपको ज्ञात है कि विगत दिनों प्रदेश सहित बेमेतरा जिला में भी भारी बारिश हुई थी साथ ही बांधो से पानी भी छोड़ा गया था। जिससें खेतों और घरों में पानी भर गया था। खेतों में भारी मात्रा में पानी भर जाने से फसल बर्बाद हो गए है। भारी बारिश से बर्बाद हुए फसलों का मुआयना भी राजस्व विभाग द्वारा किया जा रहा है।

जिले के किसान भाइयों के खरीफ फसल बर्बाद होने एवं कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन लग जाने से भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है ।

बीते दिनों भारी बारिश के कारण फिर फसल खराब होने से किसान भाईयों को अब दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। अतः महोदय जी आपसे निवेदन है कि रबी फसल की क्षतिपूर्ति की बचत राशि जिले के किसान भाईयों को शीघ्र प्रदान करने की कृपा करें।

कृषि मंत्री का बेमेतरा आपका गृह जिला है इसलिए किसान भाई-बहनों को आपसे आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है कि आर्थिक समस्या को देखते हुए 15 से 20 दिनों के अंतर्गत रबी फसल क्षतिपूर्ति की बचत राशि शीघ्र प्रदान करने के लिए निर्देशित करेंगे।”

वर्सन- अभी बाढ़ में बर्बाद नदी किनारे बसे गांव के हजारों एकड़ फसलों का क्षति आंकलन पुनः राजस्व विभाग के द्वारा आरबीसी (RBC) 6,4 के तहत किया जा रहा, जब ओलावृष्टि से बर्बाद रबी फसल (मुख्यतः चना, गेंहूँ) कि क्षतिपूर्ति किसानों को प्रदाय नहीं कि गयी तो बाढ़ क्षति कैसे प्रदाय की जायेगी। किसानों की आर्थिक व्यथा को समझते हुए शासन से जल्द क्षतिपूर्ति प्रदाय की उम्मीद।:- राहुल योगराज टिकरिहा

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