इंद्रावती भवन में कोरोना से पसरा सन्नाटा सामूहिक अवकाश लेकर अधिकारी – कर्मचारी भवन बंद करने कर रहे है विचार



रायपुर। छत्तीसगढ़ में ना तो कोरोना मरीजों की संख्या कम हो रही है और ना ही मौत का सिलसिला थम रहा है। रायपुर के इंद्रावती भवन में भी कोरोना से तीसरी मौत हो गयी है। इंद्रावती भवन में कोरोना से हुई मौत के बाद कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। विभागाध्यक्ष कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में कोरोना संक्रमण एवं मौत को लेकर जोरदार प्रदर्शन हो चुका है।मोर्चा कलेक्टर रायपुर के आदेश 20/8 की कंडिका 5 का हवाला देते हुए इंद्रावती भवन को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए 14 दिन बंद करने की मांग कर रहा है।नोडल अधिकारी ने शनिवार को समस्त विभाग प्रमुख एवं मोर्चा के नेताओं के साथ समीक्षा बैठक रखे थे लेकिन अपरिहार्य कारण से उक्त बैठक स्थगित हो गई। इंद्रावती में अब तक 82 कर्मचारियों को शिकार बना चुका है।भवन के हर तरफ अफरा तफरी मची हुई है,जिधर जाओ सन्नाटा पसरा हुआ है। कई विभाग के अधिकारी कर्मचारी अवकाश लेकर कार्यालय जाना बंद कर दिए है।कई संक्रमित कर्मचारियों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।शहर के अस्पतालों में भीड़ होने के कारण इलाज कराने कर्मचारी मोर्चा के नेताओं से सहयोग हेतु गुहार लगा रहे है।शासन द्वारा इस ज्वलंत मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।मोर्चा के नेता एवं प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष कमल वर्मा ने स्पष्ट कहां है कि यदि सरकार मंगलवार को प्रस्तावित बैठक में कठोर निर्णय नहीं लेगी तो मोर्चा की शीघ्र बैठक आहूत की जाएगी।मोर्चा के ऊपर इंद्रावती भवन के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को निरंतर दबाव है कि यदि सरकार इंद्रावती बंद नहीं करती तो सामूहिक अवकाश लेकर भवन को बंद किया जाए।मोर्चा ने कहां है कि वे अपने साथियों को अब आगे मौत के मुंह में समाते नहीं देखेगा।अपने कर्मचारियों की रक्षा करने जो भी आंदोलन मोर्चा को करना पड़ेगा उससे पीछे नहीं हटेगा।संयुक्त मोर्चा के नेताओं का कहना है कि इंद्रावती में संक्रमण फैलाने के लिए भवन में पदस्थ कई विभाग प्रमुख जिम्मेदार है।शासन ने स्पष्ट आदेश जारी कर 33 प्रतिशत कर्मचारियों से कार्यालय संचालित करने निर्देश जारी किए थे , लेकिन इन अधिकारियों ने उक्त आदेश का पालन नहीं करते हुए तानाशाही रवैया अपनाते हुए 80 से 100 प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय बुलाया। जिसके कारण बसों में भीड़ बढ़ने से संक्रमण तेजी से फैल गया।
संयुक्त मोर्चा की ओर से जारी बयान में छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष कमल वर्मा एवं प्रदेश संगठन मंत्री नंदलाल चौधरी, छत्तीसगढ़ विभागाध्यक्ष कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ.जितेंद्र सिंह ठाकुर एवं मुख्य संरक्षक सी.एल. शर्मा ,शासकीय संयुक्त कर्मचारी के कार्यकारी अध्यक्ष अमोद श्रीवास्तव एवं संतोष वर्मा ,अनियमित कर्मचारी संघ अध्यक्ष अनिल देवांगन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुरेश ढीढी, वाहन चालक कर्मचारी संघ अध्यक्ष सलीम खान, सत्येन्द्र देवांगन, पुरूषोत्तम पमनानी, आलोक वशिष्ट,भोला राम कीर ,जयंत यादव, राजेश बरकड़े,आर एन पटेल, आदि शामिल है।

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