हिंदी साहित्य भारती गरियाबंद के जिलाध्यक्ष बनें मुन्नालाल देवदास … उपाध्यक्ष उमेश श्रीवास

विक्रम कुमार नागेश…..

गरियाबंद। हिंदी भाषा और छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देने तथा प्रचार प्रसार के उद्देश्य से केंद्रीय हिंदी साहित्य भारतीय परिषद दिल्ली तथा हिंदी साहित्य भारतीय परिषद छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शक मंडल के डां.चितरंजन कर, अशोक तिवारी, हरिहर वैष्णव, रामसरण तथा अध्यक्ष बलदाऊ राम साहू, उपाध्यक्ष विजय तिवारी, डॉ राजन यादव, डॉ. पीसी लाल यादव, सीताराम साहू, महामंत्री डॉ सुनीता मिश्रा, संगठन मंत्री जगदीश देशमुख, संयुक्त मंत्री वीरेंद्र सरल के मार्गदर्शन में गरियाबंद जिला हिंदी साहित्य भारतीय परिषद का गठन छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राजेश्री रामसुंदरदास के मुख्य आतिथ्य एवं महामंडलेश्वर संत सिया गोवर्धन शरण व्यास की अध्यक्षता में चतुर्भुज आश्रम में संपन्न हुआ।

जिसमें हिंदी साहित्य भारती परिषद गरियाबंद के अध्यक्ष मुन्नालाल देवदास कवि साहित्यकार एवं राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक, उपाध्यक्ष उमेश श्रीवास राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक विकासखंड मैनपुर, सचिव ललित कुमार साहू जख्मी विकासखंड छुरा, कोषाध्यक्ष गौरीशंकर सिरफिरा देवभोग, प्रचार प्रसार महामंत्री संतोष कुमार सोनकर मंडल राजिम – फिंगेश्वर, सह सचिव अवतार सिंहा गरियाबंद का मनोनयन किया गया है।

वहीं जिले के सभी पांचों विकासखंड से सलाहकार कार्यकारिणी सदस्यों में विकासखंड फिंगेश्वर से युवा शायर जितेंद्र सुकुमार साहिर, देवभोग से अश्क बस्तरी, मैनपुर से कमलकिशोर ताम्रकार छुरा से हीरालाल गुरुजी तथा गरियाबंद ब्लॉक मुख्यालय से मंच संचालक शिक्षक शंकरलाल पाल का चयन किया गया है। इस मौके पर गरियाबंद जिला के अध्यक्ष मुन्नालाल देवदास ने बताया कि परिषद का विस्तार समय अनुसार किया जाएगा।

फिलहाल हिंदी पर रचनाकारों को स्थान देते हुए पुस्तक प्रकाशन की तैयारियां चल रही है इसमें इच्छुक कवि अपनी रचना ई-मेल या फिर व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित कर सकते हैं तथा परिषद का मूल उद्देश्य हिंदी व छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देना है जिससे भाषा पर रचनाकारों की पकड़ मजबूत हो। श्री देवदास ने बताया कि समय-समय पर जिले के नवोदित रचनाकारों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

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