? विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो
मैनपुर। विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से गरहाडी़ह तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पक्की सड़क है। लेकिन ग्राम पंचायत गरहाडी़ह से 7 किलोमीटर की दूरी पर बसा आश्रित ग्राम खरताबेड़ा तक पहुंचने के लिए कच्ची मुरमीकरण सड़क तो है। लेकिन बरसात के दिनों में मरम्मत नहीं होने के कारण कच्ची सड़क मार्ग का हालत दयनीय हो गई है। बड़े-बड़े गड्ढे व उबड़- खाबड़ रास्ते से बरसात के दिनों में आवाजाही में परेशानी होती है। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। जिसके कारण मरीजों को बड़ी मुश्किलों से गरहाडी़ह तक पहुंचाना पड़ता है। बारिश के दिनों में खाद, दवाई,व उपयोगी सामानों को लाने में भयंकर परेशानी होती है। मुरमीकरण सड़क को मरम्मत की आवश्यकता है। इस ओर ग्राम पंचायत गरहाडी़ह व वनविभाग तौरेंगा परिक्षेत्र द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वास्तव में मूलभूत सुविधाओं में सड़क भी शामिल है। ग्राम पंचायत एवं वन विभाग में बजट की कमी नहीं है। आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के लिए शासन प्रशासन के द्वारा लाखों रुपयों की राशि जारी किया जाता है। उसके बावजूद भी सड़क का मरम्मत नहीं किया जाना समझ से परे लगता है। गांव के प्रमुख बाबूलाल मरकाम, वार्ड पंच पुनीत राम मरकाम, पूर्व उप सरपंच रामदेव मरकाम, चैनसिंह, रतनलाल,नवलू राम मरकाम, राजू लाल मरकाम,रविंद्र मरकाम सोमारी बाई, श्यामलाल यादव,राम लाल यादव ने गांव तक आवश्यक सामग्रियों को लाने व गर्भवती महिला एवं मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लायक भी सड़क को मरम्मत कराने की मांग जिला के कलेक्टर से किए हैं।
