- सेलूद–चुनकट्टा मार्ग पर रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन, सड़क जर्जर; हादसे की आशंका
पाटन। सेलूद से चुनकट्टा होते हुए गनियारी जाने वाले सड़क मार्ग पर ओवरलोड गिट्टी से भरे वाहनों की आवाजाही राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में गिट्टी से भरे ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क भी जर्जर हो गई है, वहीं वाहनों से गिरने वाले गिट्टी-पत्थर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।
बताया जाता है कि कई बार ओवरलोड वाहनों से सड़क पर गिट्टी और पत्थर गिर जाते हैं, जो दोपहिया वाहन चालकों सहित अन्य राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। सड़क पर बिखरे पत्थरों के कारण कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। इसके अलावा भारी वाहनों से उड़ने वाली धूल भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
खबर प्रकाशित होने पर कुछ दिनों तक लगती है रोक, फिर वही स्थिति
इस मार्ग पर ओवरलोड परिवहन का मुद्दा कई बार उठ चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब समाचार पत्रों में इस समस्या को लेकर खबर प्रकाशित होती है, तो कुछ दिनों तक ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर अंकुश दिखाई देता है। लेकिन कुछ समय बाद फिर से पहले जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। इससे कार्रवाई की निरंतरता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खनिज जांच चौकी के बावजूद ओवरलोड परिवहन कैसे?
इस मार्ग पर मार्ग पर प्रवेश करते ही खनिज जांच चौकी होने के बावजूद यदि प्रतिदिन सैकड़ों ओवरलोड वाहन गुजर रहे हैं, तो यह जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। आखिर इन वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं हो रही है? क्या वाहनों की भार क्षमता और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है?
क्षेत्रवासियों की मांग है कि खनिज विभाग और संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित जांच अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क पर गिरे गिट्टी-पत्थरों को हटाने और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की दिशा में भी पहल की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
अब सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या समय रहते ओवरलोड परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाएगा?
