नगर पंचायत छुरा में अतिक्रमण पर सवाल, गरीब ठेला संचालकों को हटाने वाला प्रशासन अब मौन क्यों?*

खबर हेमंत कुमार तिवारी,,,,,,

वार्ड-4 के बाजार परिसर में वाटर एटीएम के सामने कच्ची चाय दुकान को पक्का बनाने का आरोप, शाही दशहरा की रात निर्माण शुरू होने पर उठे सवाल

दुकानों के नामांतरण और निर्माण अनुमति के लंबित आवेदनों का भी मुद्दा उठाया, पार्षद हरीश यादव ने प्रशासन से मांगा जवाब

छुरा। नगर पंचायत छुरा में अतिक्रमण और कार्रवाई में कथित भेदभाव का मामला सामने आया है। नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-04 स्थित बाजार परिसर में वाटर एटीएम के सामने एक अस्थायी चाय दुकान को पक्का बनाने के लिए निर्माण कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर पार्षद हरीश यादव ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित निर्माण की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
हरीश यादव के अनुसार, बाजार परिसर में वाटर एटीएम के सामने कच्ची चाय दुकान को स्थायी रूप देने के उद्देश्य से पक्का निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि शाही दशहरा के दौरान रातोंरात निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित निर्माण के लिए अनुमति ली गई है? यदि अनुमति दी गई है, तो किन नियमों के तहत दी गई है? वहीं, यदि निर्माण बिना अनुमति के हो रहा है, तो प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?

वर्षों से ठेला लगाकर आजीविका चलाने वालों को नहीं मिली समुचित व्यवस्था

पार्षद ने कहा कि इसी बाजार परिसर में वर्षों से कई गरीब लोग अस्थायी ठेले लगाकर चाय-नाश्ता और अन्य छोटे-मोटे व्यवसाय के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। इन लोगों को व्यवस्थित रूप से व्यवसाय करने के लिए नगर पंचायत द्वारा समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने का मुद्दा लंबे समय से बना हुआ है। दूसरी ओर, उसी परिसर में अस्थायी दुकान को पक्का स्वरूप देने के लिए निर्माण किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में गरीब ठेला संचालकों के साथ समान व्यवहार किए जाने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

पौनी-पसारी निर्माण के समय भी हुआ था विवाद

हरीश यादव ने बाजार परिसर में पौनी-पसारी निर्माण के दौरान ग्राम समिति छुरा द्वारा हस्तक्षेप किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय शासकीय निर्माण कार्य को लेकर भी आपत्ति की स्थिति बनी थी। अब उसी क्षेत्र में कथित रूप से अतिक्रमण कर पक्का निर्माण किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि संबंधित भूमि की स्थिति क्या है और निर्माण के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई है या नहीं।

नगर पंचायत की कार्रवाई पर उठे सवाल

पार्षद हरीश यादव ने कहा कि नगर पंचायत प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि गरीब ठेला संचालकों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर हटाने की कार्रवाई में तत्परता दिखाई जाती है, तो बाजार परिसर में हो रहे कथित पक्के निर्माण के मामले में चुप्पी क्यों है? क्या नगर पंचायत में नियम सभी के लिए समान हैं या कार्रवाई व्यक्ति की स्थिति देखकर की जाती है?उन्होंने नगर पंचायत की दुकानों का नियमित किराया जमा करने वाले दुकानदारों की समस्याओं को भी उठाया। उनका कहना है कि दुकान के नामांतरण और दुकान के ऊपर निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन देने के बाद भी कई मामलों में निर्णय नहीं होने की शिकायत है। प्रशासन को इन आवेदनों का निराकरण कर दुकानदारों को स्थिति से अवगत कराना चाहिए।

सीएमओ से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

हरीश यादव ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से बाजार परिसर में चल रहे निर्माण की जांच कराने, भूमि की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने तथा अनुमति और नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण नियमानुसार है, तो प्रशासन इसकी जानकारी सार्वजनिक करे और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष के विरोध का नहीं, बल्कि नगर पंचायत में पारदर्शिता और समान नियम लागू किए जाने का है। गरीब ठेला संचालकों की आजीविका, नियमित किराया जमा करने वाले दुकानदारों के हित और शासकीय भूमि की सुरक्षा—इन सभी विषयों पर प्रशासन को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। जनहित के इन सवालों पर नगर पंचायत प्रशासन का पक्ष और संबंधित निर्माण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। उपाअध्यक्ष अब्दुल शमीम खान , पार्षद हरीश यादव, सलीम मेमन, देव सिंग नेताम, रामजी दिवान पंच राम टंडन, शांतनु देवांगन, दीप्ति यादव, यामीन खान समस्त कांग्रेस पार्षद ने विरोध किया है।
जिला कलेक्टर रणवीर शर्मा:- मुख्य कार्यपालन अधिकारी नगर पंचायत छुरा को तत्काल कार्य रोकने का आदेश दे दिया हूं।

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