- न्यायिक अभिरक्षा में होने से पंचायत के कामकाज पर पड़ रहा था असर, कार्यवाहक सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश
पाटन। ग्राम पंचायत अचानकपुर के सरपंच देवानंद साहू को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) पाटन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 22 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में सरपंच के न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण पंचायत के प्रशासनिक एवं विकास कार्यों के प्रभावित होने की स्थिति का उल्लेख किया गया है। साथ ही जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नियमानुसार कार्यवाहक सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत अचानकपुर के पंचगणों ने सरपंच देवानंद साहू के निलंबन एवं उनकी अनुपस्थिति में कार्यवाहक सरपंच की व्यवस्था करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में उल्लेख किया गया कि सरपंच देवानंद साहू, पिता राजकुमार साहू, थाना उतई में दर्ज अपराध क्रमांक 379/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत पंजीबद्ध प्रकरण के संबंध में गिरफ्तार होने के बाद केंद्रीय जेल दुर्ग में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध हैं।
आदेश में जनपद पंचायत पाटन के 6 अक्टूबर 2026 के पत्र का भी हवाला दिया गया है। इसमें सरपंच की अनुपस्थिति के कारण पंचायत के कार्यों के संचालन में आ रही बाधाओं का उल्लेख किया गया था। प्रशासन के अनुसार, सरपंच के न्यायिक अभिरक्षा में रहने से पंचायत की बैठकों, दैनिक प्रशासनिक कार्यों, विकास कार्यों तथा आम नागरिकों से संबंधित आवश्यक कार्यों के प्रभावित होने की आशंका थी।
प्रशासन ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 39(1)(ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरपंच को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। आदेश में कहा गया है कि अधिनियम की धारा 39(3) के प्रावधानों के अनुसार विशेष सम्मेलन आयोजित कर निर्धारित प्रक्रिया एवं लागू आरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन करते हुए स्थानापन्न (कार्यवाहक) सरपंच के निर्वाचन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पंचायत के कार्यों की निरंतरता बनाए रखने और जनहित से जुड़े कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
