पाटन विधानसभा और दुर्ग जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में खंड वर्षा (छिटपुट बारिश) के कारण खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं। व्यापक वर्षा न होने के कारण फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।ग्राम पंचायत सेलूद के सरपंच खिलेश बबलू मारकंडे ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए शासन-प्रशासन से तांदुला बांध से तत्काल नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है।
जब बारिश होती है, तो इतनी अधिक होती है कि किसान खेतों से पानी सहेजकर नहीं रख पाते। बारिश थमते ही खेत सूख जाते हैं, जिससे नमी कम हो जाती है। खेतों में पानी की कमी के चलते किनारे के धान के पौधों को दीमक और चूहों द्वारा भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
अटल ज्योति योजना के तहत किसानों को पर्याप्त समय तक बिजली नहीं मिल पा रही है। बार-बार बिजली गुल होने से सिंचाई कार्य बाधित हो रहा है। विद्युत विभाग द्वारा किसानों के खेतों में लगे खराब ट्रांसफार्मर और अन्य तकनीकी समस्याओं का त्वरित सुधार न किए जाने से सिंचाई व्यवस्था चरमरा गई है।किसानों ने बोनी और रोपाई के समय से ही अत्यधिक मेहनत की है। अब रोपाई, बियासी के कार्य हो जाने के बाद अपनी खड़ी फसल को बचाने के लिए उन्हें तुरंत पानी की आवश्यकता है।
सरपंच खिलेश बबलू मारकंडे ने शासन और प्रशासन से अपील की है कि किसानों की इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए और तांदुला बांध से शीघ्र नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि अन्नदाताओं की मेहनत खराब होने से बच सके।
