पाटन क्षेत्र में बदहाल पड़े BSNL के टावर, देखरेख के अभाव में मशीनरी हो रही कबाड़

22 स्थानों पर लगाए गए टावरों में कई की हालत खराब, कहीं 4जी नेटवर्क कमजोर तो कहीं झाड़ियों से घिरे परिसर; उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा सरकारी दूरसंचार सेवा का पूरा लाभ

पाटन। केंद्र सरकार द्वारा आम जनता को सस्ती और बेहतर दूरसंचार सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के पाटन क्षेत्र में लगाए गए टावरों की स्थिति इन दिनों चिंता का विषय बनी हुई है। क्षेत्र में करीब 22 स्थानों पर BSNL के टावर स्थापित किए गए हैं, लेकिन इनमें से कई टावर उचित देखरेख और रखरखाव के अभाव में खराब हालत में पहुंच चुके हैं। कई टावर परिसरों में साफ-सफाई नहीं होने के कारण बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे पूरा परिसर जंगलनुमा दिखाई देने लगा है।

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि BSNL की ओर से कुछ स्थानों पर 4G सेवा उपलब्ध कराई गई है, लेकिन नेटवर्क की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं होने के कारण इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई जगह नेटवर्क कमजोर होने से उपभोक्ताओं को कॉल करने और इंटरनेट सेवा का उपयोग करने में परेशानी होती है।

लाखों की मशीनरी खराब होने का खतरा

BSNL के टावरों पर लाखों रुपये की लागत से मशीनरी और अन्य उपकरण लगाए गए हैं। यदि समय रहते इनका रखरखाव और मरम्मत नहीं की गई तो उपकरण खराब होकर कबाड़ में तब्दील हो सकते हैं। इससे सरकारी संपत्ति को नुकसान होने के साथ ही उपभोक्ताओं को मिलने वाली दूरसंचार सुविधा भी प्रभावित होगी।

कई टावर परिसरों में लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने की बात सामने आ रही है। झाड़ियों के बढ़ जाने से न केवल उपकरणों के रखरखाव में परेशानी हो सकती है, बल्कि टावर परिसरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

निजी कंपनियों से पिछड़ रहा BSNL

एक ओर निजी दूरसंचार कंपनियां लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी ओर BSNL के पुराने बुनियादी ढांचे और टावरों के रखरखाव की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि BSNL की सेवाएं कई मामलों में किफायती होने के बावजूद नेटवर्क और सेवा की गुणवत्ता बेहतर नहीं होने के कारण लोग निजी कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं।

दिसंबर 2026 तक 5G सेवा की तैयारी, लेकिन मौजूदा ढांचा चिंताजनक

BSNL द्वारा देश में 5G सेवा शुरू करने की दिशा में तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे में पाटन क्षेत्र में पहले से स्थापित टावरों और नेटवर्क व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि मौजूदा टावरों की समय पर मरम्मत, रखरखाव और साफ-सफाई नहीं की गई तो भविष्य में नई तकनीक का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

व्यवस्था में सुधार की मांग

क्षेत्रवासियों और BSNL उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग से पाटन क्षेत्र के सभी टावरों का निरीक्षण कराने, खराब उपकरणों की मरम्मत करने तथा टावर परिसरों की साफ-सफाई कराने की मांग की है। साथ ही जहां नेटवर्क की समस्या है, वहां तकनीकी खामियों को दूर कर उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकारी संसाधनों से तैयार किए गए इन टावरों और मशीनरी का नियमित रखरखाव होना चाहिए, ताकि सरकारी संपत्ति सुरक्षित रहे और लोगों को सस्ती एवं बेहतर दूरसंचार सेवा का वास्तविक लाभ मिल सके।

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