खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,
राजिम,/ राजधानी रायपुर को गरियाबंद जिले से जोड़ने वाला राजिम का प्रतिष्ठित महानदी उच्चस्तरीय पुल इन दिनों बदहाली का शिकार है। करीब 536.90 मीटर लंबे इस पुल पर छोटे-बड़े 52 से अधिक गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर गड्ढों से गिट्टी और सीमेंट की परत उखड़ चुकी है तथा सरिया तक बाहर दिखाई दे रही है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के पहिए गड्ढों में पड़ने से टायर फटने या पंचर होने का खतरा बना हुआ है। यदि किसी वाहन का संतुलन बिगड़ा तो गंभीर हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता।वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस उच्चस्तरीय महानदी पुल का लोकार्पण किया था। करीब 20 करोड़ 5 लाख 66 हजार रुपए की लागत से निर्मित पुल में कुल 20 स्पान हैं, जिनमें प्रत्येक की लंबाई 20.65 मीटर है। ठेका राशि 1726.99 लाख रुपए बताई गई है।

निर्माण के महज 14 वर्ष बाद ही पुल की सड़क जगह-जगह से उखड़ने और गड्ढों में तब्दील होने से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं।गिट्टी-सीमेंट उखड़ने से बाहर निकली सरियापुल पर बने गड्ढों की स्थिति सामान्य नहीं है। कई जगह सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। गड्ढों में गिट्टी जमा होने के साथ ही नीचे की सरिया भी स्पष्ट दिखाई दे रही है। राहगीरों का कहना है कि निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग किया गया होता तो इतने कम समय में पुल की ऐसी हालत नहीं होती। लोगों ने पुल की तत्काल मरम्मत कराने के साथ ही निर्माण एवं रखरखाव की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

दोनों किनारों पर रेत, पत्थर और ईंटों का अंबारपुल की समस्या केवल गड्ढों तक सीमित नहीं है। दोनों किनारों पर नदी की रेत, धूल, पत्थर, गिट्टी और ईंटें बड़ी मात्रा में जमा हैं। इससे सड़क की चौड़ाई प्रभावित होने के साथ आवागमन में भी परेशानी हो रही है। मंगलवार को बड़े वाहनों की आवाजाही के बीच एक बाइक सवार ने अपना वाहन किनारे किया, लेकिन वहां पड़ी ईंट और गिट्टी के कारण बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बाइक सवार को उठाया।यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130-सी पर स्थित है। इस मार्ग से 24 घंटे भारी वाहनों के साथ निर्माण सामग्री से लदे वाहन गुजरते हैं। गड्ढों में पहिए पड़ने से वाहनों से रेत, गिट्टी और ईंटें उछलकर सड़क पर गिरती हैं। नियमित सफाई नहीं होने के कारण यही सामग्री धीरे-धीरे पुल के किनारों पर जमा होती जा रही है।

गरियाबंद सहित पर्यटन क्षेत्रों की मुख्य कड़ी
महानदी पुल गरियाबंद जिला मुख्यालय सहित छुरा, कोपरा, पांडुका, गरियाबंद, मैनपुर और देवभोग तथा ओडिशा आने-जाने वाले लोगों के लिए प्रमुख मार्ग है। इसी क्षेत्र में राजिम का त्रिवेणी संगम, लक्ष्मण झूला, कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, भगवान श्रीराजीव लोचन मंदिर सहित बम्हनी का ब्रह्मकेश्वरनाथ महादेव, फिंगेश्वर का फणिकेश्वरनाथ महादेव, कोपरा का कर्पूरेश्वरनाथ महादेव, मरौदा का भूतेश्वरनाथ महादेव, जतमई-घटारानी और चिंगरा पगार जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थल हैं। इसके चलते यहां वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती है। शनिवार और रविवार को यातायात का दबाव और बढ़ जाता है।लोगों ने लोक निर्माण मंत्री अरुण साव, राजिम विधायक रोहित साहू तथा पीडब्ल्यूडी विभाग के उच्चाधिकारियों से महानदी पुल का तत्काल निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत, सरिया को सुरक्षित करने और दोनों किनारों की सफाई कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था सुधारी जा सके।
