सावन में गूंजेगा हर-हर महादेव, 23 अगस्त को निकलेगी 33 किलोमीटर की भव्य शिवनाथ कांवड़ यात्रा

दुर्ग। सावन के पवित्र माह में दुर्ग जिले की धरती एक बार फिर भक्ति, आस्था, सनातन एकता और सामाजिक समरसता के विराट संगम की साक्षी बनने जा रही है। शिवनाथ कांवड़ यात्रा समिति के नेतृत्व में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सनातन एकता, सामाजिक समरसता, संस्कृति जागरण एवं नशा मुक्त समाज के संकल्प को लेकर भव्य शिवनाथ कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

23 अगस्त, रविवार को सुबह 7 बजे धर्मगुरुओं द्वारा भगवा ध्वज दिखाकर इस पावन यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। लगभग 33 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों की संख्या में शिवभक्त, युवा, महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न समाजों के लोग शामिल होकर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे।

आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश

समिति के संरक्षक उपकार चंद्राकर ने कहा कि शिवनाथ कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने वाला एक सांस्कृतिक एवं सामाजिक अभियान है। यात्रा के माध्यम से सनातन एकता, सामाजिक समरसता और संस्कृति जागरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही नशा मुक्त समाज के संकल्प को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस यात्रा में जनसहभागिता बढ़ रही है और इस वर्ष भी बड़ी संख्या में शिवभक्त स्वयं की प्रेरणा से यात्रा से जुड़ रहे हैं।

55 स्थानों पर होगा कांवड़ यात्रियों का स्वागत

यात्रा संयोजक विपिन चंद्राकर ने बताया कि यात्रा की तैयारियां व्यापक स्तर पर की गई हैं। लगभग 200 कार्यकर्ता विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से अतिथियों एवं शिवभक्तों की सहभागिता भी रहेगी।

उन्होंने बताया कि लगभग 33 किलोमीटर के यात्रा मार्ग में करीब 55 स्थानों पर समाज, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक समितियों द्वारा कांवड़ यात्रियों का भव्य स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भक्ति के साथ-साथ भाईचारे, एकता और अखंडता का संदेश देने का कार्य कर रही है।

महाकाल की पालकी और अघोरी दल होंगे विशेष आकर्षण

यात्रा प्रमुख वरुण यादव ने बताया कि इस वर्ष शिवनाथ कांवड़ यात्रा में कई विशेष आकर्षण देखने को मिलेंगे। यात्रा में भगवान भोलेनाथ की महाकाल पालकी झांकी, अघोरी दल एवं भोलेनाथ परिवार की भव्य झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी।

उन्होंने बताया कि विशेष रूप से सुंदर एवं आकर्षक ढंग से कांवड़ सजाकर यात्रा में शामिल होने वाले कांवड़ यात्रियों को समिति द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।

शिवनाथ तट पर होगा रुद्राभिषेक एवं भव्य आरती

यात्रा के अंतिम पड़ाव पर शिवनाथ नदी के पावन तट पर भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक एवं भव्य शिवनाथ आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए विशेष आतिशबाजी एवं भव्य भक्ति संध्या का आयोजन भी किया जाएगा।

समिति ने जिले एवं प्रदेश के सभी शिवभक्तों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पावन यात्रा में शामिल होकर सनातन एकता, सामाजिक समरसता, संस्कृति जागरण एवं नशा मुक्त समाज के संकल्प को मजबूती प्रदान करें।

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