सरस्वती शिशु मंदिर में अब संस्कारित शिक्षा अंग्रेजी और आधुनिक तकनीकी से लैस,,आशुतोष चावरे

जामगांव आर।सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामगांव आर मे बुधवार को गुणवक्ता पर मोटिवेषण कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसमें सेवानीवृत्त डीपीआई उपसंचालक एवं दुर्ग जिला पुूर्व डीईओ आशुतोष चावरे ने विस्तार पूर्वक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मध्य दो घंटे तक अनवरत अपनी बातें रखी।विद्याभारती योजना विभाग प्रमुख राघवेंद्र नाथ मिश्रा का भी प्रभावी मार्ग दर्शन मिला।श्री चावरे ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाना है तो संस्कार को प्रबल बनाने में गुरु को महती भूमिका निभाना होगा।उन्होंने अंंग्रेजी और तकनीक शिक्षा केो समय केी मांग बतायेा।

पालक संपर्क जरुरी ,,,,

सेवानिवृत्त उपसंचालक आशुतोष चावरे ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर की शिक्षा पद्धति पारिवारिक वातावरण का हिमायती है जहां पालक बालक और शिक्षक के मध्य गुणवत्ता के लिए सतत चिंतन होते रहना चाहिए।विद्यालय द्वारा पालक संपर्क इसी चिंतन का एक अनमोल हिस्सा है।उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर संस्कारित शिक्षा और आधुनिक शिक्षा का अदभुत समावेशी केंद्र बनकर सबके सामने अपना उम्दा दायित्व निर्वहन कर रहा है।समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसका लाभ लेकर संतान और अपना भविष्य संवारना चाहिए।

राष्ट्र प्रथम का भाव रखे,,,,

श्री चावरे शिक्षकों की ओर मुखरित होते हुए कहा कि राष्ट्र प्रथम का भाव जापान की तरह स्वयं में पैदा करे और स्व अनुशासन आचरण में लाये। उन्होंने कहा कि जिस कक्षा में पढ़ाने जाते हो वहां के एक एक बच्चे का पूरी जानकारी आपको होनी चाहिए और स्तर अनुरूप बच्चो की मदद के लिए योजना बन जानी चाहिए। अच्छा पारिणाम आयेगा।

अब सशिम में भी अब एक्सपर्ट अंंग्रेजी ,,,

श्री चावरे ने कहा कि गुरु और शिष्य दोनों लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े परिणाम का अच्छा आना तय मानिए।उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर संस्कार और अंग्रेजी का ज्ञान देने में एक्सपर्ट है तभी डाक्टर इंजीनियर सीए एमबीए एलएलबी प्रशासनिक सेवा एवं विभिन्न पदों पर आसीन होकर विद्यार्थी माता पिता और विद्यालय को गौरान्विंत करने में कामयाब है।अब तो आधुनिक शिक्षा को ऊंचाई देने केलिए एटीएल एआई आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित होकर बच्चों को होनहार बनाने में जुट चुकी है।

बेहतर परिणाम सा्लिड येोजना चाहती है,,,

अनुभवोी आशुतोष चावरे ने शैक्षणिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रम पूर्णता,बोर्ड परीक्षा में टॉप 10 में आने के लिए प्रयास , बेहतर परीक्षा परिणाम हेतु कक्षा का लक्ष्य निर्धारण, छात्रों के अध्ययन समय – सारणी,
अभिभावकों की भूमिका,ब्लूप्रिंट जैसे अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया व अध्यापित विषयों के बारे में प्रत्येक आचार्य ,दीदियों से विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया ।

आज का काम आज ही सफलता कदम चूमती है

विद्या भारती योजना विभाग प्रमुख राघवेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर विद्यार्थी घर में समय सारिणी निर्धारित कर अध्धयन करे और रोज का काम रोज कर ले कल पर ना टाले।सपने को साकार करने के लिए माता पिता गुरु की बातों को माने सफलता कदम चूमती है।

ये उपस्थित रहे,,,,

कार्यशाला में प्राचार्य पीएल बारले, पवन बंछोर, लिकेश्वर साहू, शशि यादव,नम्रता पटेल, प्रीति साहू, कविता साहू, योगिता साहू, प्रीति कोसरे , मानसी यादव, निखलेश साहू, ज्योति साहू ,हथेश्वर साहू, प्रियंका साहू ने सहभागिता अदा किए।

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