कांकेर जिला के पखांजुर क्षेत्र मक्का उत्पादन के लिये अधिक प्रसिद्ध है।किसान मक्का के फसल के साथ साथ अपने खेत मे सब्जी की खेती करते है। ताकी मुख्या फसल के साथ साथ किसान अपने लिये साप्ताहिक बाजर खर्च व पारिवारिक खर्च उठा सके । और मुखय फसल बेच कर अधिक मुनाफा कमा सके।
निरानंदो ठाकुर,कांकेर जिला के पखांजुर तहसील के अन्तर्गत, ग्राम इन्द्रप्रस्थ का निवासी है। उन्के परिवार मे 5 सदस्या है। उन्के पत्नी और माँ, तथा उन्के एक बेटी और एक बेटा सामिल है। उन्होने 5वी तक पढाई की है। उनके पास 2.5 एकर की जमिन है।जो अपने गावँ के क्षेत्र मे ही स्थित है। जिसमे वर्षा के समय धान और गर्मी के समय मक्का और सब्जी की खेती करते है।
उनके आय का स्त्रोत पुर्ण रूप से खेती पर ही निर्भर है। और अपने परिवार मे एक मात्र किसान है। जोकि खेती करके आय प्रप्त करते है और अपने परिवार का खर्च उठते है।
निरानंदो ठाकुर अपने खेत मे खरिफ सीजन मे मक्के के साथ साथ 30 डेसिमील मे VNR-212, किस्म के बैगन की खेती कर रहे थे।उनके बैगन के खेत मे जब फुल लग रही थी तभी पौधे एक एक करके मरने लगा था।
निरानंदो ठाकुर करीबन एक साल से रिलायंस फाऊंडेशन के साथ जुड़ा है। उन्हे पता चला की 08 माई 2020 को उनके गावँ मे एक मल्टी लोकेशन ओडियो कान्फ्रेंस रिलायंस फाऊंडेशन के माधय्म से कृषि पर होने जा रहा है।उन्होंने उस मल्टि लोकेशन ओडियो कांफ्रेंसिग मे भाग लिया।
जिसमे उन्होने अपने विशेषज्ञा से बात की और अपने बैगन के बारे मे पुछा की बैगन मे फुल आ रहा है लेकिन पौधा मरने लगा है। उन्होने अपने बैगन की खेती के बारे मे वेझिजक सम्पुर्ण रूप से बातचीत की है। डाँक्टर चंदू लाल ठाकुर ( कृषी वैज्ञानिक,कृषी विज्ञान केन्द्र कांकेर) ने उन्हे कहा की आपके बैगन के खेत मे बैक्टीरिया के कारन रोग लग रहा है आप स्ट्रेप्टो माईसीन 1 ग्राम 1 लिटर पानी मे मिलाकर पौधे के उपर डाले और उन्हे यहा भी बताया की जब आप अग्ली बार बैगन की नर्सरी तैयार करेंगे तो आप पौधे को लगाने से पहले ट्राईकोडरमा से 10 मिनट तक उपचार करके लगाये, इसके अलवा बैगन के खेती के बारे मे सम्पुर्ण जानकारी प्राप्त की।उन्होने उस दवाई का अपने खेत मे उपयोग किया जिससे की उनका खेत ठीक होने लगा तथा आछे फल भी आने लगा ।
पहले उन्होने अपने खेत से सिर्फ अपने खाने के लिये ही बैगन उगा पाते थे। परंतु रिलायंस फाऊंडेशन से सलाह लेने के पाशचात अपने खेत से बैगन का अधिक मात्रा में उत्पादन प्राप्त किया।
उन्होने लगभाग 30 डेसिमील जगह मे बैगन के VNR-212 के किस्म की खेती किया है।जिसमे लगभाग 12000 का खर्च हुआ तथा उन्होने बैगन को बाजार मे 28 रुपय प्रती किलो के दर से 27 कुन्टल 4-5 तुड़ाई मे बेचा है। जिससे उनको 75600 रुपय प्राप्त किया, उन्होने कुल 63600 रुपय लाभ प्राप्त किया।
इसके अलावा जब भी आवश्यकता होती है, वह रिलायंस फाउंडेशन के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से रिलायंस फाउंडेशन के विशेषज्ञों से सलाह लेते है, रिलायंस फाउंडेशन की सूचना सेवाओं से उन्हें खेती की वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराने में मदद की।
निरानंदो ठाकुर रिलायंस फाउंडेशन के सभी जानकारी और सलाह के लिए आभारी हैं जिन्होंने उन्हें सही समय पर उचित ज्ञान प्रदान किया। रिलायंस फाउंडेशन ने एक मल्टी लोकेशन आडिओ कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किसानों के दरवाजे पर वैज्ञानिक तकनीक लाया है, जो इस कोरोना समय में एक बड़ी पहल है। निरानंदो ठाकुर का कहना है कि किसानों को रिलायंस फाउंडेशन के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-419-8800 की सेवाओं का उपयोग करना चाहिए और कम खर्च के साथ अधिक कमाई करनी चाहिए।
