प्रिज्म पब्लिक स्कूल, में “अभद्र भाषा के प्रयोग पर निषेध” विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन

पाटन। प्रिज्म पब्लिक स्कूल, में विद्यार्थियों में शिष्ट, मर्यादित एवं सकारात्मक भाषा के प्रयोग की भावना विकसित करने के उद्देश्य से “अभद्र भाषा के प्रयोग पर निषेध” विषय पर एक प्रभावशाली जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अभद्र भाषा के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें सम्मानजनक संवाद, उत्तम व्यवहार एवं सुदृढ़ व्यक्तित्व निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा संस्था के डायरेक्टर ख्याति साहू के भाषण से हुआ कि,
आज सोशल मीडिया, गेमिंग और दोस्तों के बीच में कई बार अभद्र भाषा का प्रयोग सामान्य या “कूल” समझ लिया जाता है। लेकिन सच्चा आत्मविश्वास और परिपक्वता किसी को अपमानित करने में नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक अपनी बात रखने में होती है।
Prism Group of Institutions में हमारा उद्देश्य केवल अच्छी शिक्षा देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और सम्मानपूर्ण व्यवहार का विकास करना भी है। क्योंकि डिग्री आपको करियर देती है, लेकिन आपका चरित्र आपको सम्मान दिलाता है।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सोनाली चक्रवर्ती, जो स्वयंसिद्धा फाउंडेशन से जुड़ी एक प्रतिष्ठित समाजसेविका हैं, जिन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित किया।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने कहा कि “हमारी भाषा ही हमारे व्यक्तित्व, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का परिचय देती है। मधुर एवं सम्मानजनक शब्द न केवल रिश्तों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण भी करते हैं।” उन्होंने उदाहरणों एवं संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि अभद्र भाषा का प्रयोग व्यक्ति की छवि, आत्मविश्वास एवं सामाजिक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया सहित दैनिक जीवन में भी संयमित एवं सभ्य भाषा का प्रयोग करने का आग्रह किया।

सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने सदैव शिष्ट एवं सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करने तथा अभद्र भाषा से दूर रहने की सामूहिक शपथ ली।

विद्यालय के प्राचार्य श्री डुमेश कुमार ने मुख्य अतिथि, संस्था की डायरेक्टर, समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के नैतिक, सामाजिक एवं चारित्रिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सेमिनार से प्राप्त सीख विद्यार्थियों के व्यवहार एवं व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी।

कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश, उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं विद्यार्थियों में भाषा के प्रति नई जागरूकता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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