साइबर ठगी में इस्तेमाल म्यूल बैंक खातों पर दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 8 खाताधारकों पर केस


दुर्ग। साइबर ठगी की रकम के अवैध लेन-देन में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 खाताधारकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई थाना छावनी, थाना उतई, थाना दुर्ग कोतवाली और एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
पुलिस के अनुसार थाना छावनी के अपराध क्रमांक 312/2026, थाना उतई के अपराध क्रमांक 240/2026 तथा थाना दुर्ग कोतवाली के अपराध क्रमांक 241/2026 की विवेचना के दौरान तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगी की रकम के मनी ट्रेल का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने एवं अन्य लोगों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर मनी ट्रेल छिपाने के लिए किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपियों ने अपने बैंक खाते 10 से 15 हजार रुपये लेकर साइबर अपराधियों को बेच दिए थे। साथ ही बैंकिंग दस्तावेज और खातों से जुड़े सिम कार्ड भी सौंप दिए थे, जिससे खातों का संचालन पूरी तरह साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया।
कार्रवाई के दौरान बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन सहित अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
इन आरोपियों पर हुई कार्रवाई
अश्वंश कुमार प्रसाद (खुर्सीपार, भिलाई)
सागर राम (खुर्सीपार, भिलाई)
नितिन सिंघल (गंजपारा, दुर्ग)
अजय कुमार धहरिया (सुपेला, भिलाई)
सोनू कमलाकर पाटने (हाउसिंग बोर्ड, भिलाई)
राहुल यादव (जामुल)
रेखा सिंह (सुपेला)
जूही तबस्सुम (कैंप-02, भिलाई)
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या किसी लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना गंभीर अपराध है और संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

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