शिक्षा मंत्री के गृह जिले में शिक्षा व्यवस्था बदहाल….पाटन ब्लॉक के लगभग सभी स्कूलों में शिक्षक की कमी

रानीतराई।जिला शिक्षा विभाग दुर्ग को साय सरकार ने अहम भूमिका प्रदान करते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को महत्वपूर्ण पद पर सुशोभित किया।इससे जिले के तीनों ब्लॉक के शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आस जगी थी।छत्तीसगढ़ सरकार के इस अहम जिम्मेदारी से दुर्ग जिला मॉडल के रूप में स्थापित होगी ये संभावना जिलेवासियों को थी।
नए शिक्षा सत्र की शुरुवात से ही बदहाली देखने को लगातार मिल रही है।दुर्भाग्य एवं विडंबना की बात है।अतिथि शिक्षक भी दुर्ग में लगातार आंदोलन प्रदर्शन से सरकार का ध्यानाकर्षण में लगे हुए हैं।
पाटन ब्लॉक के स्थिति अत्यंत ही दयनीय प्रतीत हो रही है।यह क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं विपक्षी नेता की भूमिका होने के कारण पाटन को गैर जिम्मेदारना व्यवहार से देखना भाजपा सरकार को मंहगा पड़ सकता है।
विगत दिनों से पाटन ब्लॉक के ग्राम रानीतराई में शिक्षकों की कमी के कारण ताला बंदी देखने को मिला।यह तो सिर्फ एक उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया गया लेकिन वर्तमान में लगभग प्रत्येक स्कूलों में शिक्षक सहित मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे है शिक्षा विभाग।
स्वामी आत्मानंद स्कूल की स्थिति तो और ही दयनीय होते जा रही है,पालक,विद्यार्थी और शिक्षक सभी परेशान हैं।मुफ्त शिक्षा के नाम पर 1500/का आर्थिक सहयोग लिया जा रहा है।आखिर कहा जा रहा है शिक्षा का स्तर,क्या प्राइवेट स्कूलों को सुदृढ़ बनाने का मैप प्लान तैयार तो नहीं हो रहा है।
शिक्षा मंत्री को चाहिए अपने गृह जिला को सरकारी स्कूलों को सुदृढ़ बनाकर छत्तीसगढ़ में नई मिशाल पेश करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने का सुअवसर है।

वर्जन,
पूर्व जिप उपाध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू ने दुर्ग जिला शिक्षा विभाग को पालक,विद्यार्थियों की कोई चिंता नहीं है,अभी तक पुस्तक,ड्रेस का वितरण लंबित है।कही पिछले वर्ष की पुनरावृति तो नहीं हो रही है।

जनपद सदस्य रश्मि भेदप्रकाश वर्मा ने निशुल्क शिक्षा प्रदाय स्वामी आत्मानंद स्कूल को लंबी रकम लेने हेतु बाध्य किया जा रहा है। शिक्षा का स्तर भी लगातार घटती जा रही है।

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