बिना बारिश और तूफान के घंटों बिजली बंद रहने से बढ़ी परेशानी, सरपंच खिलेश मारकंडे ने व्यवस्था सुधारने की मांग की
पाटन। ग्राम पंचायत सेलूद के सरपंच खिलेश मारकंडे ने सेलूद सहित पाटन विकासखंड के विभिन्न गांवों में लगातार हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि बार-बार बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरपंच ने कहा कि बरसात के मौसम में तेज हवा, आंधी-तूफान या बारिश के दौरान बिजली बाधित होना समझ में आता है, लेकिन बिना किसी मौसम संबंधी कारण के भी घंटों तक बिजली बंद रखी जा रही है। दिन के साथ-साथ रात में भी बिजली कटौती आम बात हो गई है, जिससे आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि लगातार बिजली आने-जाने से टीवी, फ्रिज, पंखे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं बरसात के मौसम में अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू जैसे जीव-जंतुओं का भी भय बना रहता है। बिजली कटौती से लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
सरपंच खिलेश मारकंडे ने आरोप लगाया कि शिकायत के लिए बिजली कर्मचारियों को फोन करने पर वे कॉल रिसीव नहीं करते या फोन व्यस्त कर देते हैं। बिजली कार्यालय का लैंडलाइन नंबर भी अधिकांश समय व्यस्त रहता है, जिससे उपभोक्ताओं को जानकारी या शिकायत दर्ज कराने में कठिनाई होती है।
उन्होंने मांग की है कि सेलूद सहित पाटन ब्लॉक के सभी गांवों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा यदि किसी कारणवश बिजली बंद करनी पड़े तो उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना दी जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
