भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी मामले में तीन और आरोपी जेल भेजे गए, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज व आभूषण जप्त


दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से संगठित रूप से स्क्रैप चोरी कर उसके अवैध परिवहन एवं विक्रय के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं तथा चोरी से अर्जित धनराशि से खरीदी गई करोड़ों रुपये की संपत्तियों और आभूषणों से संबंधित दस्तावेज भी जप्त किए हैं।


पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स में छापेमारी की गई थी। जांच में फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में बीएसपी से चोरी किए गए लोहे की प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री का अवैध भंडारण एवं परिवहन किया जाना सामने आया। मौके से लगभग 250 टन लोहे की प्लेट एवं बीम कटिंग सहित कुल करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये मूल्य की सामग्री, वाहन और मशीनरी जप्त की गई थी।
मामले में पूर्व में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। फरार मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तरप्रदेश के देवरिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर सात दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ में अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा एवं आकाश कुमार सिंह की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने चोरी किए गए लोहे को संगठित तरीके से बेचने तथा उससे प्राप्त रकम को अचल संपत्तियों और आभूषणों में निवेश करने की जानकारी दी। मुख्य आरोपी संजय सिंह के लॉकर से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण तथा करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जप्त किए गए हैं। अन्य आरोपियों से भी संपत्ति संबंधी दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनका मूल्यांकन जारी है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया तथा महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। चोरी के स्क्रैप के परिवहन में प्रयुक्त वाहनों पर लगाए गए फर्जी नंबर प्लेट भी जप्त किए गए हैं।
रिमांड अवधि समाप्त होने पर सोमवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस प्रकरण में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और मामले की विवेचना जारी है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों एवं औद्योगिक संस्थानों से अपील की है कि औद्योगिक सामग्री, स्क्रैप या अन्य संपत्तियों के अवैध क्रय-विक्रय एवं परिवहन की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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