बच्चों का भविष्य तभी उज्ज्वल बनेगा, जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी तीनों अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे— कीर्ति नायक

शासकीय प्राथमिक शाला बटंग में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ अवसर पर शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर श्रीमती कीर्ति नायक ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें गणवेश एवं पाठ्य-पुस्तकों का वितरण किया तथा मुंह मीठा कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में श्रीमती कीर्ति नायक ने कहा कि “शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि शिक्षक, पालक और विद्यार्थी तीनों की सहभागिता से ही एक बेहतर और संस्कारित समाज का निर्माण होता है। शिक्षक बच्चों को ज्ञान और मार्गदर्शन देते हैं, पालक उन्हें संस्कार और प्रोत्साहन प्रदान करते हैं तथा विद्यार्थी अपनी मेहनत और अनुशासन से सफलता की नई इबारत लिखते हैं। इन तीनों की मजबूत कड़ी ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।”

उन्होंने कहा कि “हर बच्चे में असीम संभावनाएं होती हैं। आवश्यकता केवल उन्हें सही दिशा, उचित वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन देने की है। यदि शिक्षक और पालक मिलकर बच्चों का मार्गदर्शन करें तो कोई भी बच्चा सफलता प्राप्त करने से वंचित नहीं रह सकता।”

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। तत्पश्चात नवप्रवेशी बच्चों का गुलाल लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। अतिथियों द्वारा बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई तथा पाठ्य-पुस्तकों एवं गणवेश का वितरण किया गया। सभी बच्चों को उपस्थित अतिथियों एवं वरिष्ठजनों द्वारा आशीर्वाद प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बटंग के सरपंच श्री गेंदूराम वर्मा, उपसरपंच श्रीमती माहेश्वरी वर्मा, पंच श्रीमती कौशल्या लहरी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती मालती वर्मा, श्रीमती कविता वर्मा, श्रीमती हिलेश्वरी वर्मा एवं श्रीमती ललिता निषाद सहित पंचायत प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। इसके अलावा शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यगण, प्रधान पाठक श्री कृष्ण कुमार शर्मा, सीएसी श्री ब्रह्मानंद नायक, श्री बृजेश कुमार तिलकिया, श्री भुवनेश्वर शर्मा, श्री मकसूदन निषाद, श्री दोहनलाल वर्मा, श्रीमती मीना चौहान सहित विद्यालय परिवार एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

श्रीमती नायक ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने की सीख दी। उन्होंने पालकों से भी बच्चों की शिक्षा में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

शाला प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम ने शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों, पालकों और शिक्षकों के बीच समन्वय एवं सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ किया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत सफल एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

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