पाटन। ग्राम देवादा निवासी एवं किसान परिवार से जुड़े नीरज कुमार शर्मा ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि प्राप्त कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रामाधीन दुबे के पौत्र तथा स्व. मनहरण लाल दुबे (शिक्षक) के भतीजे हैं। उनके पिता स्व. जय भगवान शर्मा थे।
नीरज कुमार शर्मा का शोध कार्य छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध व्यंग्यकार त्रिभुवन पाण्डेय के साहित्य पर आधारित है। उनके शोध का विषय “त्रिभुवन पाण्डेय की रचनाओं में व्यंग्य दृष्टि” रहा। यह शोधकार्य डॉ. वर्षा वर्मा एवं डॉ. बलजीत कौर के निर्देशन में पूर्ण हुआ।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में 8 जून 2026 को उनकी मौखिकी (वाइवा-वोसे) सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसके बाद उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। वर्तमान में नीरज कुमार शर्मा पाटन विकासखंड के मिडिल स्कूल चीचा में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

उनकी इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि पर परिवारजनों, मित्रों, शोधार्थियों एवं शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। श्रीमती नीलिमा शर्मा, वैदिक शर्मा, श्रीमती ललेश्वरी साहू (मिनीमाता सम्मान प्राप्त), श्रीमती भौमिका यदु, दीसान यदु, डॉ. टिकेन्द्र कुमार यदु, नरोत्तम साहू (राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक), डॉ. तरुण साहू, डॉ. प्रणव शर्मा, डॉ. योगेश तारक, जीतेन्द्र, संग्राम सिंह, श्रीमती रसना मुखर्जी, बेलमती, निर्मला, लक्ष्मीन, डॉ. राकेश यादव, डॉ. आशा, युगेश देशमुख, टेकराम, अवनीश सिंह, पोषण वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, देवेश, मनोज, डॉ. प्रदीप सूर्यवंशी, राजू भैय्या, सत्येन्द्र देवांगन, सत्येन्द्र पाल सिंह राठौर, डुंडेश्वर यदु सहित अनेक लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
