सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे जमीनी स्तर के काम पंचायतों के कारण संभव है- खिलेश मारकंडे
पाटन। ग्राम पंचायत सेलूद के तत्वावधान में पंचायत दिवस के अवसर पर ग्राम सेलुद में गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरपंच ग्राम पंचायत सेलुद खिलेश मारकंडे व अतिथियों द्वारा महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया । ग्राम सेलुद में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा कार्य करने वाले लोगों को पंचायत की ओर सम्मानित किया गया जिसमें ग्राम सभा अध्यक्ष सुरेन्द्र बंछोर स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी के परिवार के श्रीमती गंगोत्री वर्मा श्रीमती अंजनी बाई बंछोर सेवा निवृत्त शिक्षकगण एन. के. तिवारी,दौवाराम वर्मा, अर्जुनसिंह बन्छोर,अशोक यादव,एन एस टेमुनकर,दयालु राम यादव, हरिचरण ठाकुर, हीरालाल ठाकुर,नवोदय विद्यालय में चयनित सेलुद के विद्यार्थी ठगेश ठाकुर खेल में विशेष प्रतिभा अर्जित करने वाली कुमारी भुनेश्वरी ठाकुर का सम्मान किया गया ।
सरपंच खिलेश मारकंडे ने कहा कि हमारे लोकतंत्र के लिए अत्यंत गौरवशाली है। 24 अप्रैल, 1993 को ही पंचायती राज व्यवस्था लागू हुई थी, जिसने सत्ता की डोर सीधे गांव और आम आदमी के हाथों में सौंपी।महात्मा गांधी ने कहा था, “भारत की आत्मा गांवों में बसती है।” पंचायतें हमारे लोकतंत्र की वह नींव हैं, जिस पर पूरे देश की प्रगति की इमारत खड़ी है।सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे जमीनी स्तर के कार्य आज पंचायतों के माध्यम से ही संभव हो पा रहे हैं।पंचायत दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है। हम सभी का कर्तव्य है कि हम ग्राम सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने गांव के विकास में पारदर्शी भूमिका निभाएं। हम सब मिलकर अपने गांव को ‘स्वच्छ, शिक्षित और आत्मनिर्भर’ बनाने का संकल्प लें। जब हमारा गांव समृद्ध होगा, तभी हमारा भारत सशक्त होगा।इस कार्यक्रम में कार्तिक राम वर्मा, मुक्तुराम साहु सहित पंच व ग्रामवासी उपस्थित थे।
