छुरा । छुरा पुलिस को वृद्ध महिला के हत्यारे को पकड़ने में कामयाब हुई मामला थाना छुरा का है जहाँ सप्ताह भर पहले शाम करीब 06.00 बजे आरोपी ईश्वर कमार पिता लालसिंह कभार उम्र 30 वर्ष साकिन धामनडीह ( धरमपुर ) थाना छुरा द्वारा प्रार्थी धनेश नेताम पिता लखन नेताम उम्र 44 वर्ष निवासी कुम्हारपारा छुरा से विवाद होने उपरांत पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी अपनी झोपडी से तीर कमान लेकर प्रार्थी को मार डालने की नियत से पत्ता गोदाम के पीछे प्रार्थी के घर खेत के पास गया जहां प्रार्थी की माँ अमृत बाई द्वारा आरोपी को यह तीर कमान लेकर किसे मारेगा पूछने पर आरोपी द्वारा तैस में आकर अमृत बाई के सीने में तीर चला दिया और वहां से फरार हो गया , तीर लगने से मौके पर ही अमृत बाई नेताम की मृत्यु हो गई थी कि प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना छुरा में आरोपी ईश्वर नेताम के विरूद्ध हत्या की धारा 302 भादवि ० में अपराध पंजीबद्ध कर फरार आरोपी ईश्वर नेताम की पतासाजी की जा रही थी । आरोपी ईश्वर नेताम अपने साथ तीर कमान , टंगिया लेकर छुरा क्षेत्र के जंगलों में लुक छिप कर भागता फिर रहा था जिससे आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में आरोपी से भय व्याप्त था । आरोपी ईश्वर कमार को आज तड़के सुबह खरखरा बांध से लगे जंगल में घूमते देखे जाने की सूचना पर आज पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के दिशा निर्देश , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी संजय ध्रुव के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी छुरा निरीक्षक राजेश जगत के नेतृत्व में टीम तैयार कर टीम खरखरा जंगल की ओर भेजी गई थी , तत्समय आरोपी ईश्वर कमार जंगल में आग जलाकर मुर्गा भुन रहा था जो पुलिस टीम के आने की भनक लगने से खरखरा – बिरोडार के घनघोर जंगल के अंदर भागने लगा जिसे खरखरा के ग्रामीणों की मदद से पुलिस टीम द्वारा काफी मशक्कत के बाद आरोपी को बिरोडार जंगल के अंदर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई । आरोपी ईश्वर नेताम को गरियाबंद न्यायालय में पेश किया गया जहां माननीय न्यायालय के आदेश से आरोपी को जिला जेल गरियाबंद रिमांड पर भेज दिया गया है । उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जगत , सउनि 0 श्रवण विश्वकर्मा , प्रधान आरक्षक हीरालाल चंद्राकर , भगत सिंह पालेश्वर , आरक्षक शिवदयाल नागेश , डेकेश्वर सोनी , नरेन्द्र साहू , ओमप्रकाश कोर्राम , जोहन आदित्य , दयानंद गौर , सूर्यकांत राय , हरिहर साहू , सहायक आरक्षक माखन ध्रुव एवं ग्राम खरखरा के ग्रामीणों की सराहनीय भुमिका रही
