महान सन्त एवं समाज सुधारक बाबा गुरुघासीदास का जीवन छत्तीसगढ़ की धरती के लिए ही नहीं अपितु समूची मानव-जाति के लिए कल्याण का प्रेरक सन्देश देता है — ताम्रध्वज साहू

दुर्ग। दुर्गग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत ग्राम बोरिडीह एवं ग्राम डुमरडीह में बाबा गुरुघासी दास जी के जयंती के पूर्व संध्या में एक दिवसीय भव्य पंथी नृत्य का आयोजन रखा गया। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम बाबा गुरुघाशी दास जी की पुजा अर्चना किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी, सरपंच बोरीगारका चुम्मन यादव, सरपंच डुमरडीह धर्मेंद्र बंजारे, जनपद सदयस्त झमित गायकवाड़, पुष्पा साहू, दुलरवा सोनबेर, प्रेमचंद सोनबेर सहित, गोविन्द चेलक सहित समाज के वरिष्ठ गण मौजूद थे।


इस अवसर पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने गुरु घासीदास जयंती समारोह में कहा कि उनका ‘सतनाम’ और ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानव जाति के लिए है और हमें उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए।श्री साहू ने गुरू घासीदास की जीवन पर प्रकाश डालते हुए अपने संबोधन में कहा कि गुरु घासीदास महान सन्त एवं समाज सुधारक बाबा गुरुघासीदास का जीवन छत्तीसगढ़ की धरती के लिए ही नहीं अपितु समूची मानव-जाति के लिए कल्याण का प्रेरक सन्देश देता है ,आगे कहा कि सतनामी धर्म के प्रवर्तक छत्तीसगढ़ के यह महान पुरुष एक सिद्धपुरुष होने के साथ-साथ अपनी अलौकिक शक्तियों एवं महामानवीय गुणों के कारण श्रद्धा से पूजे जाते है । इस अवसर पर पर ग्रामीण जन बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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