मानव जीवन का उद्देश्य परमानंद की प्राप्ति- संत निरंजन

उतई।पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू धर्मपत्नी श्रीमती स्व.कमला देवी साहू जी की पुण्य स्मृति में आयोजित ग्राम पाऊवारा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन किया।
कर्म को दिव्यता से भाग्य बदला जा सकता है भारतीय संस्कृति एवं सनातन का विराट स्वरूप सुदामा चरित्र की कथा कहते हुए संत निरंजन महाराज जी बताया की मित्रता की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सप्तम दिवस को कथा मे सनातन धर्म मे गरीब सुदामा और कृष्ण को मिलता का विश्व मानव जीवन के लिए अमूल्य निधि बताया गया।

सुदामा भगवान श्रीकृष्ण से निकले द्वारिका गये किन्तु उनके मन में कुछ मांगने भाव नहीं था। जीव ही सुदामा है और ईश्वर उसका मित्र । गोपियों ने आनन्द स्वरूप भगवान को अपना मित्र माना अभावग्रस्त रहने पर भी आनंदित होकर जीना संतोषी ब्यक्ति का लक्षण है सन्तोष धन सभी सभी धनों में सर्वोपरि है। अपने कर्तब्य कर्मो से प्राप्त वस्तुओं में संतोष रहकर जीव सुखी हो सकता है आत्ममंथन ही सवा से बड़ा धन है भौतिक भोगों के पीछे भागकर जीव अपने सच्चे स्वरूप को भूल जाता है। भगवान ही जीव का सच्चा मित्र है। उन्हें स्मरण करते हुए जीवन यापन करने वाले सदा सुखी रहता है।

संत निरंजन जी बताया की सुदामा की कथा अमीरों के किए भी है और गरीबो के लिए भी । धन पाकर परम धन को न भूले जीव परीक्षित है और सात दिनों मे उसे मुक्त होना है परीक्षित मोक्ष की कथा का वर्णन करते हुए महाराज जी ने कहा काल रूपी सर्प सदा सिर पर है मृत्यु के पूर्व हो हम परमात्मा तत्व का अनुभव करले। भागवत कथा का संदेश है मुक्त होकर जीवन यापन करे और निरन्तर जन्म मृत्यु वृद्धावस्था की पीडा कष्ट को याद रखे। मनुष्य का कर्तब्य है दुःख से दग्ध संसार में प्रसन्नता पूर्वक जीवन यापन करते हुए सदा सत्कर्म में लगे रहे। नित्य ईश्वर चिन्तन करते हुए क्षन भंगुर जीवन की नश्वरता का चिंतन करते हुए भगवान के चरित्रों का स्मरण करें। जीव मात्र की सुखी करने के लिए भागवत की कथा प्रासंगिक है। भागवत की कथा जी को निर्भरता सिखाती है। प्रेम पूर्ण जीवन जीकर समाज, परिवार राष्ट्र के उत्थान में लगे रहना हम सभी का उद्देश्य होना चाहिए।

इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण ललित चन्द्रकार,विधायक विधायक बालोद संगीता सिन्हा, विधायक अहिवारा डोमन लाल कोर्सवाड़ा, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू,पूर्व विधायक प्रतिमा चन्द्रकार, भिलाई महापौर नीरज पाल, नेता प्रतिपक्ष दया सिंह,तुलसी साहू, जिला पंचायत सदस्य सुशीला साहू,टिकम साहू संजय देशमुख,रमेश साहू छन्नू गजपाल भूषण देवांगन,पूनाराम देवांगन रविन्द सिंह, दुर्गा साहू, भंडारी , अशोक शर्मा, पाना लाल यादव,महिला भजन मंडली कोकड़ी राजेश भंडारी पू पोषण साहू वेदनारायण साहू,शिवनारायण दिल्लीवार,रविन्द्र सिन्हा मनोज ताम्रकार,सुरेश साहू,प्यारी निषाद महमरा सहित सैकड़ो संख्या में श्रोता गण मौजूद थे।

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