फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 48 लाख की ठगी का पर्दाफाश

  • आईजी दुर्ग रेंज के निर्देशन में साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई, आंध्रप्रदेश से दो आरोपी गिरफ्तार**

दुर्ग। दुर्ग रेंज पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 48 लाख 67 हजार 500 रुपये की ठगी के मामले का खुलासा कर दो साइबर ठगों को आंध्रप्रदेश से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग के कड़े निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 09 अक्टूबर 2025 को एक पीड़ित द्वारा साइबर थाना दुर्ग में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि इंस्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का लालच देकर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने के बाद उनसे कुल ₹48,67,500 की ठगी की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना द्वारा अपराध क्रमांक 08/2025, धारा 318(4), 336, 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।

जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण एवं डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर आरोपियों की लोकेशन आंध्रप्रदेश के जिला अनकापल्ली में पाई गई। इसके बाद साइबर थाना की एक विशेष टीम वहां रवाना की गई, जहां से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक एवं एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर केंद्रीय जेल दुर्ग भेजा गया है।

गिरफ्तार आरोपी

  1. पी. सत्यनागा मूर्ति, पिता सत्यनारायण मूर्ति, उम्र 25 वर्ष, निवासी– पुलापर्थी, यालामंचली मंडल, जिला अनकापल्ली (आंध्रप्रदेश)
  2. बालाजी श्रीनू, पिता बालाजी रामू नायडू, उम्र 34 वर्ष, निवासी– चिन्ना विधि, तहसील यालामंचली, जिला पुलापर्थी, विशाखापट्टनम (आंध्रप्रदेश)

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा, सउनि पूर्ण बहाद्दुर, आरक्षक अनूप कुमार शर्मा, आरक्षक जुगनू सिंह, एवं आरक्षक विवेक सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


पुलिस की अपील

दुर्ग रेंज पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी अनजान लिंक, ऑनलाइन निवेश, फॉरेक्स ट्रेडिंग या किसी भी प्रकार के डिजिटल प्रलोभन पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल सायबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में सूचना दें।
साथ ही अधिक जागरूकता के लिए साइबर प्रहरी को फॉलो करने की सलाह दी है।

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