खबर हेमंत तिवारी,,,,,,✍️✍️✍️
पांडुका/ जल संसाधन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का जिले में कई उदाहरण पड़े हुए है।जिसकी परते धीरे धीरे अब खुल रहे है।ऐसा ही एक मामला सब डिवीजन पांडुका के अंतर्गत आने वाले तौरेंगा जलाशय से जुड़ा हुआ है । जानकारों की माने तो इस जलाशय में पिछले कई सालों से साफ सफाई नहीं हुई न ही कोई मरम्मत कार्य जिस पर ग्राम पंचायत के पंचायत प्रतिनिधियों ने जलाशय से जुड़े कुछ अहम जानकारी के लिए आवेदन किया,पर सब डिवीजन पांडुका कार्यालय में पदस्थ अधिकारी ने जानकारी नहीं दी न ही कोई पत्राचार किया और ठेंगा दिखा दिया।पर आवेदन लगाने के कुछ दिनों बाद विभाग के अधिकारी हरकत में आए और अपने आप को पाक साफ साबित करने के लिए आवेदन लगने के बाद जलाशय के पार में उगे बड़े-बड़े पेड़ और खरपतवार की साफ सफाई जरूर करवा दी,और इसी बहाने जलाशय साफ सुथरा हो गया और कुछ स्थानीय लोग को कुछ रोजगार भी मिल गया ,पर सूत्र बताते है । कि इससे पहले यहां कभी कई सालों से साफ सफाई नहीं हुई थी ।

और हर साल साफ सफाई के लिए बजट विभाग को मिलता है पर विभाग के बड़े ,छोटे अधिकारी सहित कर्मचारी इस राशि में शायद बंदर बाट कर हजम कर लेते हैं ।और डकार भी नहीं लेते ऐसा ही कुछ यहां देखने को मिला छोटे-छोटे पौधे सालों से जलाशय के पार में बोल्डर पत्थर के बीच उग कर बड़ा रूप ले लिए थे विभाग के पास बजट रहते हुए। भी जाने क्यों कोई भी कार्य नहीं करता। आवेदन लगाए लगभग 23 दिन हो गए हैं।पर ग्राम पंचायत को आज तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।

जिस पर अब ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि सीएम जनदर्शन रायपुर और जल संसाधन विभाग के मंत्री से मिलकर इस भ्रष्टाचार की शिकायत करने की तैयारी में जुट गए हैं।,,,विभाग के अधिकारी को लगता है कि,,बिल्ली की तरह आंख बंद कर चुपचाप दूध पीते रहो,, उसे कोई देखने वाला नहीं है। पर आज भी कुछ जागरूक लोग है। जो उनके इस कारनामों को पर्दाफाश करने में लगे हैं।और आने वाले दिनों में सिलसिलेवार बहुत सी गड़बड़ियां उजागर होने की संभावना है।
,,,,, वही इस मामले के बारे में जानकारी लेने पाण्डुका सब डिवीजन जल संसाधन विभाग के एस डी ओ एम के पड़ोरिया को 2 बार फोन किया गया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया,,,
