? –रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो
गरियाबंद। गांधी मैदान में खड़े यह लगभग 50 से अधिक ट्रैक्टर शासन की कडाई का विरोध कर रहे हैं। इन ट्रैक्टर संचालकों का कहना है कि जब मालगांव तथा जिला मुख्यालय के आसपास 15-20 किलोमीटर में कोई अधिकृत रेत खदान है ही नहीं तो जिला मुख्यालय में होने वाले छोटे बड़े निर्माण शासकीय आवास आदि के लिए रेत आएगी कहां से पहले मजार खट्टा ग्राम पंचायत द्वारा रॉयल्टी काटकर मालगांव पैरी नदी से रेत उत्खनन होता था अब ग्राम पंचायत स्तर से रेत खनन बंद हो चुका है ऐसे में। ट्रैक्टर वाले उसी जगह से रेत उठा रहे थे मगर बीच-बीच में कार्यवाही उन पर कर दी जाती थी । कल खनिज विभाग द्वारा एक साथ 6 ट्रैक्टर पर कार्यवाही किए जाने से सभी ट्रेक्टर मालिक काफी परेशान हैं उनका कहना है ऐसे में कैसे काम चलेगा कब तक चालान पटाते रहेंगे इसका कोई स्थाई समाधान निकलना चाहिए इसके अलावा उनका कहना है कि अगर रेत निर्माण स्थलों तक नहीं पहुंची तो चार-पांच दिन बाद कई निर्माण कार्य बंद हो जाएंगे साथी ट्रैक्टरों के मजदूर तो खाली होंगे ही साथ ही निर्माण कार्यों में लगे मजदूर और मिस्त्री भी बेरोजगार हो जाएंगे जबकि सरकार को सबसे पहले इस करोना काल की भयानक त्रासदी से बचने के लिए रोजगार उपलब्ध कराना ही प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।

आज अपनी समस्या इन ट्रैक्टर मालिकों ने जिला कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के समक्ष नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फू मेमन के साथ जाकर रखी ज्ञापन मगर इस मुद्दे का फिलहाल कोई निराकरण नहीं हो पाया है ट्रैक्टर संचालकों ने समस्या हल नहीं होते तक हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है और सभी ट्रैक्टर गांधी मैदान में खड़े हुए हैं जिला कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने वालों में पर परस देवांगन रमेश साहू मनहरण निर्मलकर वैशाली निषाद, रितिक सिन्हा, सोनू नेताम नंदकुमार ध्रुव कोमल ध्रुव हेमंत तिरपुड़े अवतार पटेल सूर्य नेताम रिंकू देवांगन भूपेंद्र ध्रुव ऐश्वर्या यदु सोहेल मेमन नासिर खान संतु विश्वकर्मा भूपेंद्र चंद्राकर आदि उपस्थित रहे।

